जाखू मंदिर में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने फुलझड़ी से रावण के पुतले को आग लगाई। मुख्यमंत्री ने रावण के पुतले को जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। मंदिर में रावण के पुतले की ऊंचाई करीब 40 फीट थी। मंदिर परिसर के दूसरी ओर कारीगरों ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाए थे। दशहरे के इस ऐतिहासिक मौके पर मंदिर में भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। लोग सड़कों से पैदल ही मंदिर तक पहुंचे और दर्शन भी किए। इसके बाद रावण के दहन को देखने के लिए मंदिर परिसर में उमड़े रहे।
आखिर रावण को जलाते वक्त सीएम वीरभद्र क्यों हुए तल्ख
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 12 Oct 2016 09:56 PM IST
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