हिमाचल में बादल फटने से तबाही का सिलसिला जारी है। पहले चंबा फिर किन्नौर और अब रामपुर में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। घर, घराट, पैदल चलने वाले पुल और किसानों-बागवानों की जमीनें बह गई हैं।
हिमाचल में फिर बादल फटने से तबाही, खेत बचे न पुल, तस्वीरें
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श्रीखंड जाने वाले मार्ग शकरंडा में मंगलवार तड़के चार बजे बादल फटा। इससे समेज खड्ड में बाढ़ आ गई। सरपारा पंचायत के समेज गांव में अफरातफरी मच गई। एक घर का आधा हिस्सा बाढ़ में बह गया जबकि पांच मकानों पर अब भी खतरा बना हुआ है। बाढ़ से संतोष का आधा मकान बह गया है जबकि दिला राम चौहान, बहादुर सिंह, प्रभात नेगी और कृष्णा देवी सहित अन्य के मकानों को खतरा बना हुआ है।
भारी बारिश के कारण कांगड़ा के बडोई में मकान और पशुशाला ढह गए हैं।
शिमला के मैहली में 4 मंजिला निमार्णाधीन मकान ढहा, पेड़ गिरने से तीन ढारे क्षतिग्रस्त। जिले में एक सप्ताह में 31 मकानों को नुकसान, एक हफ्ते के भीतर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्षति हो चुकी है।
भारी बारिश से मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग गुम्मा के समीप भूस्खलन के कारण बंद हो गया। तड़के चार बजे बंद हुए नेशनल हाईवे को लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी लगाकर सुबह साढ़े सात बजे बहाल किया। उधर, लोदलगढ़ मंदिर के समीप भूस्खलन से चंबा-सिहुंता मार्ग बंद हो गया।