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Rajasthan: धौलपुर के 40 गांवों में घुसा पानी, चंबल का पुराना पुल टूटा, लाखेरी में सेना ने मोर्चा संभाला

Wed, 24 Aug 2022 01:59 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Wed, 24 Aug 2022 01:59 PM IST
सार

Rajasthan: धौलपुर में 40 गांव में घुसा पानी, चंबल का पुराना पुल टूटा, सेना और SDRF बचाव कार्य में जुटी

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Water entered 40 villages in Dholpur SDRF and army doing rescue
नाव से सुरक्षित स्थान पर लोगों को निकाला - फोटो : Amar Ujala Digital

धौलपुर में चंबल नदी के किनारे बसे 40 गांवों पानी से घिर गए हैं। बचाव और राहत कार्यों के लिए सेना और एसडीआरएफ की टीम जुट गई है। कोटा बैराज से मंगलवार रात 15 लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे चंबल नदी का पुराना पुल डूब गया है। पानी के तेज बहाव और रौद्र रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल के आसपास चौकसी बढ़ा दी है। नदी की बगल में बना मुक्तिधाम पूरी तरह से डूब चुका है। राजाखेड़ा, सरमथुरा, धौलपुर और बाड़ी उपखंड के 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। 40 से अधिक गांव पर बाढ़ संकट का खतरा मंडरा रहा है।

Water entered 40 villages in Dholpur SDRF and army doing rescue
घरों में घुसा पानी - फोटो : Amar Ujala Digital

पानी के तेज बहाव और रौद्र रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल के आसपास चौकसी बढ़ा दी है। नदी की बगल में बना मुक्तिधाम पूरी तरह से डूब चुका है। राजाखेड़ा, सरमथुरा, धौलपुर और बाड़ी उपखंड के 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। 40 से अधिक गांव पर बाढ़ संकट का खतरा मंडरा रहा है।

Water entered 40 villages in Dholpur SDRF and army doing rescue
चंबल के पास पुलिस को किया गया तैनात - फोटो : Amar Ujala Digital

चंबल नदी के पास पुलिस तैनात
जिला कलेक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया मध्य प्रदेश और हाड़ौती क्षेत्र में हो रही बारिश से कोटा बैराज से लगातार पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। गांधी सागर के कैचमेंट एरिया में पानी की अधिक आवक होने पर कोटा बैराज के गेज को मेंटेन करने के लिए लगातार निकासी की जा रही है। उन्होंने बताया मध्यप्रदेश के मंदसौर कोटा झालावाड़ क्षेत्र में हुई बारिश से चंबल नदी उफान पर हो गई है। वर्तमान में चंबल नदी का पुराना पुल पूरी तरह से डूब चुका है। एहतियात के तौर पर आरएसी और पुलिस बल चंबल पुल के आसपास तैनात किया है।


मेडिकल टीम तैनात
मंगलवार रात 15 लाख से अधिक क्यूसेक पानी रिलीज करने के बाद राजाखेड़ा धौलपुर सरमथुरा और बाड़ी उपखंड क्षेत्र के 40 गांव डूब क्षेत्र में आ चुके हैं। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना की टुकड़ी और एसडीआरएफ की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में रेस्कयू कर रही है। खाद्य सामग्री के साथ मेडिकल टीमें डूब क्षेत्र में तैनात की गई है। नदी के निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर अस्थाई आवास बनाकर पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ग्रामीणों की मवेशी भी सुरक्षित रखी जा रही है। 

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चंबल सहित कई नदियां उफान पर - फोटो : Amar Ujala Digital

स्टीमर से किया जा रहा बचाव कार्य
मौजूदा वक्त में राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के गांव छाडियन का पुरा,चीलपुरा,अंडवा पुरैनी, दगरा, बरसला,गढ़ी जाफर समेत डेढ़ दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। धौलपुर क्षेत्र के मोरोली,बसई नीम, कामरे का पूरा सर मथुरा उपखंड क्षेत्र के दुर्गशी, झिरी, शंकरपुरा समेत एक दर्जन गांव में पानी घुस चुका है। बाड़ी क्षेत्र के सेवर पाली, सोने का गुर्जा समेत कई गांव दूर डूब क्षेत्र में आ चुके हैं। प्रशासन की अलग-अलग टीमें तैनात कर डूब क्षेत्र में तैनात की हैं। गर्भवती महिला बच्चे और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टीमर से सभी को रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है। चारों उपखंड क्षेत्र में पांच दर्जन से अधिक गांव का संपर्क भी कट चुका है। ग्रामीणों को पानी के तेज बहाव में बाहर नहीं निकलने की नसीहत भी दी गई है। बाढ़ आपदा प्रबंधन की टीम लगातार डूब क्षेत्र में नजर बनाए हुए हैं।

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Water entered 40 villages in Dholpur SDRF and army doing rescue
जरूरत का सामान ले सुरक्षित स्थान पर जाता युवक - फोटो : Social Media
खतरे के निशान के 13 मीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रामअवतार मीणा ने बताया कि चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 13 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कोटा बैराज से 15 लाख से अधिक क्यूसेक पानी चंबल नदी में रिलीज किया है। इसके साथ चंबल की सहायक नदियां, जिसमें कालीसिंध, पार्वती, परवन समेत जंगल का पानी एवं छोटे नदी नालों का भी पानी चंबल में प्रवेश कर रहा है। जिसके कारण चंबल का रौद्र रूप बन गया है। उन्होंने बताया चंबल नदी का खतरे का निशान 129.79 मीटर है। 130.79 मीटर से वार्निंग लेवल शुरू हो जाता है। लेकिन वर्तमान में जल स्तर बढ़ कर 142.40 मीटर तक पहुंच चुका है। यानी चंबल नदी खतरे के निशान से 13 मीटर ऊपर बह रही है। चंबल के गेज को मेंटेन करने के लिए सिंचाई विभाग की टीम तैनात की है। हर घंटे गेज की लोकेशन लेकर उच्च अधिकारियों को अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने बताया आगामी 24 घंटे में चंबल नदी में पानी की आवक और अधिक देखी जा सकती है।

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