जोधपुर में पानी का संकट गहरा गया है। नहरबंदी के कारण पानी की सप्लाई बाधित थी। हालात ऐसे हो गए हैं कि जोधपुर प्रशासन ने पानी की सप्लाई का जिम्मा अपने हाथ में ले लिया है और सभी फिल्टर हाउस पर पुलिस का पहरा बिठा दिया है।
2 of 5
कायलाना पम्पिंग स्टेशन पर पुलिस पहरा
- फोटो : Social Media
नहरबंदी से बिगड़े हालात
60 दिन की नहरबंदी कारण जोधपुर में पानी का संकटा पैदा हो गया है। प्रस्तावित 60 दिनों की इंदिरा गांधी नहरबंदी 21 मई तक पूरी होनी थी पर पंजाब में इंदिरा गांधी मुख्य कैनाल पर सरहिंद फीडर टूट गया है। ऐसे में फीडर की मरम्मत के बाद जोधपुर को दस दिन बाद पानी मिलेगा। नहरबंदी के कारण जोधपुर के प्राकृतिक जलाश्य कायलाना और तख्तसागर तक पानी पहुंचाने वाली स्थानीय हाथी नहर भी सूख गई है। अब इन जलाश्य में मौजूद पानी से ही शहरवासियों को काम चलाना है।
3 of 5
पानी की बर्बादी पर होगी कार्रवाई
- फोटो : Amar Ujala Digital
हर प्लांट पर चार से पांच पुलिस जवान तैनात
शहर में पेयजल की समस्या को देखते हुए जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने वाटर सप्लाई मैनेजमेंट के लिए इमरजेंसी रिस्पांस टीम गठित की है। इसके तहत शहर के फिल्टर प्लांट्स पर 24 घंटे पुलिस फोर्स तैनात रखने के निर्देश दिए गए। जिससे पानी की चोरी और दुरुपयोग ना हो सके। कायलाना, चौपासनी, तखतसागर और झालामंड फिल्टर प्लांट की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस तैनात है। हर प्लांट पर चार से पांच सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। पूरे शहर के लिए चार जून तक की जलापूर्ति का शिड्यूल जारी कर दिया है। इसमें प्रत्येक तीन दिन में पानी दिया जाएगा। इसके अलावा टैंकर से पानी आवश्यकतानुसार आपूर्ति करवाई जाएगी।
4 of 5
पानी की चोरी पर रखेगी पुलिस नजर
- फोटो : Amar Ujala Digital
पानी की बर्बादी पर लगेगा जुर्माना
जिला प्रशासन के निर्देश के बाद कायलाना और तख्तसागर झील पर पुलिस मुस्तैद है। फिल्टर प्लांटों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने पानी की बर्बादी करने वाले पर जुर्माना लगाने की ठानी है। इसके लिए अधिशासी अभियंता, मॉनिटरिंग जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जोधपुर अनिल पुरोहित को नियुक्त किया गया है।
5 of 5
जोधपुर शहर के पास दस दिन से भी कम का पानी बचा
- फोटो : Social Media
दस दिन का है पानी
कायलाना और तख्तसागर से प्रतिदिन 15 एमसीएफटी पानी की आपूर्ति होती है। यहां अभी 125 एफसीएफटी पानी है, जिससे दस दिन आपूर्ति हो सकती है। फिलहाल प्रशासन ने इस पानी से दस दिन में चार बार पानी की आपूर्ति देने का प्लान बनाया है।