हम बहुत जल्द साल 2022 को अलविदा कहने वाले हैं। 31 दिसंबर की रात पूरी दुनिया जश्न में डूबी होगी और नए साल 2023 का स्वागत कर रही होगी। अच्छी और बुरी यादों के साथ हम नए साल में प्रवेश कर जाएंगे। बीतते समय के साथ हमारी यादें कुछ धुंधुली पड़ जाती हैं, ऐसे में 'अमर उजाला' यादें 2022 सरीज लेकर आ रहा है। इस सीरीज में हम अच्छी-बुरी यादें ताजा करेंगे। कई घटनाएं ऐसी होंगी जो हमें दहला देंगी कुछ हमें हंसा देंगी तो कुछ हैरान कर देंगी। अमर उजाला की तीसरी सीरीज में हम राजस्थान के पांच हत्याकांड के बारे में जानेंगे, जिन्होंने देशभर में सुर्खियां बटोरीं...
Year Ender 2022: कन्हैयालाल की हत्या से दहला देश, डॉन देवा के मर्डर ने फैलाई सनसनी, ये रहे चर्चित हत्याकांड
Memories 2022: कन्हैयालाल की हत्या से दहला देश, DON देवा के मर्डर ने फैलाई सनसनी, ये रहे पांच चर्चित हत्याकांड
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दोस्त ने कराई डॉन देवा गुर्जर की हत्या
4 अप्रैल को कोटा रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में सैलून में बैठे डॉन देवागुर्जर (40) की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। दो गाड़ियों से आए करीब 13 बदमाशों ने देवा पर गंडासे, धारदार हथियार व कुल्हाड़ी से हमला किया और हत्या कर फरार हो गए। देवा की हत्या की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई उसके सर्मथकों ने कोटा में बवाल कर दिया। पांच अप्रैल को समर्थकों ने कोटा-रावतभाटा मार्ग पर पहले जाम लगाया, बाद में उनका प्रदर्शन उग्र हो गया। देवा के समर्थकों की भीड़ ने दो सरकारी बसों में आग लगा दी। कुछ यात्रियों, बस चालक और परिचालक के साथ मारपीट भी की गई थी। हालांकि, समय रहने पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया था। पुलिस ने इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड भैरू गुर्जर और बाबूलाल गुर्जर सहित अब तक 25 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। परिजनों का आरोप था कि बाबूलाल गुर्जर ने ही देवा की हत्या कराई है। इससे पहले दो अच्छे दोस्त हुआ करते थे।
कन्हैयालाल हत्याकांड जिसने देश को दहला दिया
28 जून को उदयपुर में दो मुस्लिम युवकों ने कन्हैयालाल साहू की गला काटकर हत्या कर दी थी। कन्हैयालाल धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे और पेशे से दर्जी थे। हत्याकांड वाले दिन दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैयालाल पर वार करना शुरू कर दिया। हत्यारों के ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैयालाल को संभलने का भी समय नहीं मिला। लगातार वार से कन्हैयालाल की गर्दन कट गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस हमले में दर्जी कन्हैयालाल की दुकान पर काम करने वाले ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लेकिन, अब वह पूरी तरह स्वस्थ्य हैं।
कन्हैयालाल की हत्या के बाद हत्यारे मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने एक वीडियो जारी किया था। जिसमें उन्होंने धमकी देते हुए कहा था कि हमारे धर्म का अपमान करने वालों का यही अंजाम होगा। इस मामले में राजस्थान पुलिस और एनआईए की टीम ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच अब तक चल रही है।
कीर्तन में नहीं जाने दिया तो ताई को काट डाला
11 दिसंबर को जयपुर में एक 32 साल के भतीजे अनुज शर्मा ने अपनी ताई सरोज शर्मा की हथौड़े से सिर पर वार हत्या कर दी थी। बाद में शव को मार्बल कटर से काटकर आठ टुकड़े किए और फिर जंगल में ठिकाने लगा दिया। इसके बाद आरोपी हरिद्वार चला गया। मृतका की बेटियों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 11 दिसंबर की सुबह उसने ताई से कहा कि वह दिल्ली में कीर्तन के लिए जा रहा है। उन्होंने जाने के लिए मना कर दिया, इसी बात पर दोनों की बहस शुरू हो गई।
इससे गुस्साए अनुज ने हथौड़ा से सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वह शव को बाथरूम में ले गया, जहां मार्बल कटर से उसके आठ-दस टुकड़े किए। बाद में शव के बड़े टुकड़ों को एक सूटकेस में बंद किया और कुछ छोटे टुकड़ों को बाल्टी में रखकर पॉलीथिन से बंद कर दिया। शव के टुकड़ों को वह नीचे लेकर आया और फिर कार से लालपुरिया अपार्टमेंट से दिल्ली-सीकर हाईवे पर पहुंचा। कार से उतरकर वह सूटकेस और बाल्टी को जंगल में करीब 200 मीटर अंदर ले गया। और, शव के टुकड़ों को वहीं फेंककर मिट्टी में दबा दिया।
वापस आने के बाद उसने सूटकेस-बाल्टी को धुलकर रखा और फिर घर रसोई-बाथरूम सहित अन्य जगहों पर लगे खून को साफ किया। पूरी प्लानिंग करने के बाद उसने पड़ोसियों को ताई के लापता होने की झूठी कहानी सुना दी। अपनी बहन मोनिका (ताई की बेटी) को भी उसने यही बताया। मां के लपता होने के बाद 13 दिसंबर को मोनिका घर पहुंची तो उसने अनुज को दीवार पर लगे खून के धब्बे साफ करते देखा। इसकी जानकारी उसने बहन पूजा को भी दी तो वह भी 15 दिसंबर को घर आ गई। इस बीच अनुज हरिद्वार चला गया था। 16 दिसंबर को दोनों बहनें थाने पहुंची और भाई पर मां की हत्या करने का शक जताया। पुलिस ने हरिद्वार से लौटते ही उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी अनुज ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गैंगस्टर राजू ठेहट को घर के बाहर मार दी गई गोली
3 दिसंबर को सीकर जिले में गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या कर दी गई थी। चार-छह बदमाशों ने ठेहट को उसके घर बाहर गोली मारी थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रोहित गोदारा ने ली थी। रोहित गोदारा ने लिखा कि उसने आनंदपाल और बलबीर की हत्या का बदला ले लिया है। राजू ठेहट की आनंदपाल गैंग और बिश्नोई गैंग से पुरानी रंजिश थी। जमानत पर बाहर आने के बाद उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं, लेकिन पुलिस ने उसे सुरक्षा नहीं दी। मौका लगते ही हत्यारों ने गैंगस्टर को गोली मार दी। पुलिस ने ठेहट की हत्या के आरोप में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को आठ आरोपियों को अजमेर की घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया है। वहीं, तीन आरोपी सीकर की जेल में बंद हैं।