लोक कलाकारों की मनभावन प्रस्तुति के साथ ही दो दिन तक चले मारवाड़ उत्सव का समापन हो गया। समारोह की शुरुआत में देश और प्रदेश के ख्याति प्राप्त कलाकारों ने एक से बढ़कर एक लंगा गायन, नृत्य, चकरी नृत्य, भपंग वादन, 13 ताली नृत्य, चरी नृत्य और कालबेलिया की रंगारंग प्रस्तुति देकर पर्यटकों और ग्रामीणों का मन मोह लिया।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
महोत्सव में 35 से अधिक देशों के पर्यटक शामिल हुए। इस दौरान अलवर के प्रसिद्ध बनेसिंह ने रिम भवाई नृत्य और किशनगढ़ की चरी नृत्य का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में भव्य आतिशबाजी देखने को मिली। समापन समारोह से पहले सुबह प्राचीन शिव मंदिर से जैन मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई निकली। इस दौरान शहरवासियों ने छतों से फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया।
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दोपहर में समारोह स्थल पर प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें मुख्यतः कबड्डी, रस्साकशी, मटकी दौड़ आकर्षण का केंद्र रहीं। समारोह में देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों ने चटपटे राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद भी लिया। साथ ही इस बीच कैमल सफारी, जीप सफारी का लुफ्त भी पर्यटक उठाते हुए नजर आए।
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समारोह में संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह, पर्यटन विभाग जोधपुर, उपनिदेशक सरिता फिरोदा, पर्यटन अधिकारी चिमनाराम प्रजापत सहित हजारों की तादाद में पर्यटक मौजूद रहे। 2 दिन तक चले इस समारोह के समापन अवसर पर गांव के धोरों के बीच आतिशबाजी की गई और इसके साथ ही फिर मिलने का वचन लेते हुए गुब्बारे छोड़कर समारोह का समापन हुआ।