Galtaji Teerth: कहानी बंदर मंदिर की, 521 साल पुरानी परंपरा टूटी, भगवान के सामने भोग का संकट; कारण सरकार
Galtaji Temple: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर जयपुर के गलता जी तीर्थ की परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया। जहां 23 दिनों से भगवान को फूल-मालाए नहीं चढ़ाई गई हैं। उन्होंने भाजपा सरकार की लापरवाही की आलोचना की और तीर्थ स्थलों की सेवा न होने के मुद्दे को उठाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बता दें कि यहां राेज करीब 15 फूल मालाएं लगती हैं। ऐसे में, 450 रुपए की माला, 250 रुपए की सब्जी व 100 रुपए का मुखारबिंद चाहिए। मामले को लेकर राजस्थान संस्कृत विवि के शास्त्री कोशलेंद्रदास ने बताया कि महाभारत में श्रीकृष्ण ने कहा है कि पुष्प में लक्ष्मी का निवास होता है। पूजा में रत्नों की माला की अपेक्षा पुष्पमाला ही श्रेष्ठ है। पुराणों के अनुसार भिन्न-भिन्न देवों को विभिन्न पुष्पों से बनी मालाएं प्रिय हैं।
बोले सहायक आयुक्त
वहीं देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ने कहा कि भगवान को मालाएं नहीं पहनाने वाली बात बीच में दो या तीन बार हुई होगी। मंदिर में सहयोग से मालाओं की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए टेंडर कर दिए गए हैं। जल्दी ही वर्क आर्डर जारी कर दिया जाएगा, जिससे व्यवस्थाएं सुचारू हो जाएंगी।
गलता तीर्थ का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
जयपुर का गलता तीर्थ एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। यह स्थान ऋषि गालव की तपोस्थली के रूप में विख्यात है। गलता तीर्थ स्थित कुंड में स्नान का धार्मिक महत्व है, और देशभर से तीर्थ यात्री यहां स्नान करने के लिए आते हैं। इस पवित्र स्थल में कई मंदिर, मंडप और जलकुंड स्थित हैं, जो इसे और भी विशेष बनाते हैं।
गलता जी का मंदिर
गलता जी मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां भगवान रामगोपाल जी का मंदिर स्थित है। इसे स्थानीय लोग ‘बंदर मंदिर’ के नाम से भी जानते हैं क्योंकि यहां बंदरों की एक बड़ी संख्या पाई जाती है। इसके अतिरिक्त, गलता जी परिसर में सूर्य मंदिर भी स्थित है, जो पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह मंदिर दीवान कृपाराम द्वारा बनवाया गया था और जयपुर के लोगों के लिए अत्यंत पूजनीय माना जाता है।
गलता तीर्थ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां स्थित प्राकृतिक झरने और जलकुंड इस स्थान को विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं। गलता तीर्थ की हरियाली और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभूति कराता है।
मंदिर की बनावट
गलताजी मंदिर को गुलाबी पत्थरों से बनाया गया है। मंदिर की छतों पर खूबसूरत नक्काशी देखने को मिलती है। इस भव्य धार्मिक स्थान के अंदर भी कई अन्य मंदिर भी हैं, जिनमें मुख्य मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। इसके अलावा यहां पर भगवान राम और कृष्ण को भी मंदिर देखने को मिलते हैं। इस मंदिर की बनावट जैसे किसी राज महल के तर्ज पर की गई हो।