Harmanpreet Kaur: जन्म के बाद पहनी पहली शर्ट पर लिखे शब्द बने हरमन का नसीब, पिता ने सहेज रखी है बेशकीमती अमानत
मोगा की स्टार क्रिकेटर हरमनप्रीत काैर की कप्तानी में भारत ने पहली बार आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता है।
बेटी की तकदीर बदली
पिता की उस ‘गुड बैटिंग’ शर्ट ने बेटी की तकदीर लिख दी। आज वह सचमुच भारत की ‘गुड बैट्समैन’ बन चुकी है। पिता हरमंदर सिंह भुल्लर आज भी हरमनप्रीत की उस गुड बैटिंग’ लिखी शर्ट को संभाल कर रखे हैं।
हरमनप्रीत कौर के पिता हरमंदर भुल्लर ने बताया कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि ‘गुड बैटिंग’ लिखी हुई वो छोटी सी शर्ट मेरी बेटी की किस्मत बदल देगी। उन्होंने बताया कि जब हरमनप्रीत का जन्म हुआ था, तब वे उसके लिए कपड़े खरीदने दुकान गए थे। वहां एक शर्ट देखी जिस पर लिखा था ‘Good Batting’, जो उन्हें बहुत पसंद आई। उन्होंने वह शर्ट बेटी के लिए ले ली, पर कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वही बेटी सच में “गुड बैटर” बनकर भारत की कप्तान बनेगी और देश को विश्व कप जिताएगी।
हरमंदर भुल्लर ने कहा कि मुझे बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था ग्राउंड में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने जाते थे। जब हरमन चलना सीख रही थी, तभी से उसे मैं अपने साथ गुरु नानक कॉलेज की ग्राउंड में ले जाता था। वह ग्राउंड में बैठी रहती थी और मैं दोस्तों के साथ खेलता था। धीरे-धीरे वह बड़ी हुई और ग्राउंड में लड़कों के साथ खेलने लगी। यहीं से उसके क्रिकेट का सफर शुरू हुआ और मोगा के छोटे से ग्राउंड से निकलकर वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान तक पहुंच गई।
बेटियों को रोको मत
उन्होंने कहा कि आज मेरी बेटी ने देश को विश्व कप जिताकर भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि हमने आज भी वह शर्ट संभाल कर रखी है, क्योंकि वह मेरे लिए लकी है।
भगवान ने बेटी दी, बेटी को पहनाने के लिए शर्ट लिया, वही आज स्टार क्रिकेटर बन गई। मैं हर माता-पिता से यही कहना चाहता हूं कि अपनी बेटियों को सपोर्ट करें, उनका साथ दें। बेटी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहती। उन्हें कोख में मत मारो, बल्कि उन्हें दुनिया देखने दो क्योंकि वही बेटी एक दिन तुम्हें पूरी दुनिया दिखाएगी।