फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दहला बीएसएफ कैंपस: जब तक समझ पाते, तब तक बिछ गईं लाशें, किसी ने भागकर तो किसी ने छिपकर बचाई जान

Mon, 07 Mar 2022 12:04 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 07 Mar 2022 12:04 AM IST
विज्ञापन
A trooper of BSF fatally shot four of his colleagues at BSF Khasa headquarters
बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर में फायरिंग - फोटो : एएनआई

अटारी रोड स्थित बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर की मेस में रविवार की सुबह रोज की तरह सामान्य ही थी। नाश्ते की तैयारी चल रही थी। ड्यूटी पर जाने से पहले सैनिक नाश्ता करने पहुंचे थे। मेजों कुर्सियों पर बैठकर आपस में बातें कर रहे थे। इस बात से अंजान कि अगले कुछ पलों में उनके साथ क्या गुजरने वाला है। करीब 9.30 बजे हाथ में रायफल लिए सतेप्पा वहां पहुंचा और अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगा। पूरा कैंपस गोलियों की आवाज से गूंज उठा। किसी को कुछ समझ नहीं आया। बचने के लिए जवान इधर-उधर भागे। कुछ ने मेजों के नीचे छिपकर जान बचाई। इसके बाद वह कुछ समय के लिए रुका, फिर अपनी ही रायफल से खुद को भी गोली मार ली। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वह बच नहीं सका। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। साथ ही बीएसएफ कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी के भी भीतर जाने पर पाबंदी लगा दी। यहां तक कि मीडिया को भी दूर रखा गया।

A trooper of BSF fatally shot four of his colleagues at BSF Khasa headquarters
घायल साथी को अस्पताल ले जाते जवान। - फोटो : एएनआई

घटना की जानकारी मिलते ही कई जवानों के परिजन भी मौके पर पहुंचे।अस्पताल में घायलों का हाल जानने पहुंचे बीएसएफ के आईजी जलाल मोहम्मद एक दो मिनट के लिए मीडिया से मुखातिब हुए और कहा कि इसमें कोर्ट आफ इंक्वायरी मार्क कर दी गई है। पुलिस को भी जांच दे दी गई है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर मौके का मुआयना किया। बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर में रहने वाली उमा देवी ने बताया कि आज सुबह उनका बेटा राहुल नाश्ता करने गया था। पता नहीं क्यों सतेप्पा आया और उसने हर तरफ गोलियां चलाई। इसमें उनका बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। 

A trooper of BSF fatally shot four of his colleagues at BSF Khasa headquarters
विलाप करतीं महिलाएं। - फोटो : एएनआई

परिवार से दूरी और काम के दबाव से बढ़ रही आत्महत्या की प्रवृत्ति: डॉ. राहुल
कॅरिअर का चुनाव करते समय युवाओं को लाइमलाइट और किसी के दबाव में आकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। ऐसे निर्णय कई बार खुद की जिंदगी जोखिम में डाल देते हैं। कई बार आत्महत्या जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। यह कहना है पीजीआई मनोरोग विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राहुल चक्रवर्ती का। उनका कहना है कि काम का दबाव और परिवार से दूरी के कारण बढ़ते तनाव से आत्महत्या जैसी प्रवृत्ति बढ़ रही है। सैन्य क्षेत्रों से जुड़ी घटनाएं तो चिंता का विषय हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
A trooper of BSF fatally shot four of his colleagues at BSF Khasa headquarters
बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर - फोटो : एएनआई

राहुल का कहना है कि कॅरिअर का चुनाव करते समय युवाओं को सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषकर सैन्य क्षेत्र में जाने वाले युवाओं को पूरी कार्यप्रणाली के बारे में पता होता है। नौकरी के दौरान अवकाश न मिलना या ज्यादा ड्यूटी से तनाव पैदा होने पर वह सामंजस्य नहीं बैठा पाते हैं। इसके बाद वह कभी खुद को तो कभी दूसरों को नुकसान पहुंचा बैठते हैं। ऐसे में उन अभिभावकों को भी बेहद सचेत रहने की जरूरत है, जो बच्चों पर अपना निर्णय थोपने का प्रयास करते हैं।

विज्ञापन
A trooper of BSF fatally shot four of his colleagues at BSF Khasa headquarters
बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

इससे बचाव के लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरुकता की जरूरत है, ताकि युवा अपनी क्षमता के आधार पर कॅरिअर चुन सकें।डॉक्टर राहुल युवाओं को सलाह देते हैं कि अपने तनाव को दूसरों से साझा करने की प्रवृत्ति अपनाई जानी चाहिए। किसी भी तरह की मानसिक पीड़ा होने पर उसे स्टिग्मा समझकर दबाने के बजाय मनोचिकित्सक के पास जाएं। इलाज में देरी आत्महत्या जैसी घटनाओं के बढ़ने का एक मुख्य कारण बनता जा रहा है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed