मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा द्विवेदी की हत्या में गिरफ्तार मेजर निखिल हांडा सेना की विशेष ट्रेनिंग का भरपूर फायदा उठा रहा है। पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार की मानें तो तीन दिन की पूछताछ में हांडा ने पुलिस को कतई सहयोग नहीं किया है। हालांकि, उपायुक्त ने दावा किया है कि केस से जुड़े 90 फीसदी सबूत पुलिस बरामद कर चुकी है। यह और बात है कि पुलिस हत्याकांड में इस्तेमाल दूसरा स्विस नाइफ, वारदात के समय पहने निखिल के कपड़े, जूते, शैलजा का पर्स, छाता और कार से खून साफ करने वाला तौलिया बरामद नहीं कर पाई है। दोपहर बाद पुलिस टीम निखिल को लेकर मेरठ रवाना हो गई।
शैलजा हत्याकांड: जांच के दौरान मिले अहम सुराग, पुलिस ने कहा- सहयोग नहीं कर रहा निखिल
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार सुबह एक बार फिर निखिल हांडा को लेकर टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम में 25 पुलिसकर्मी और खोजी कुत्ते थे। घटनास्थल के आसपास झाड़ियों और जंगल की अच्छी तरह तलाशी ली गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निखिल बार-बार अपने बयान भी बदल रहा है। यही वजह है कि पुलिस अब तक उसके कपड़े और जूते भी बरामद नहीं कर पाई है। मंगलवार को पुलिस ने निखिल के घर से उसका मोबाइल फोन बरामद किया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने कई नंबर दूसरे नामों से सेव किए हुए थे। पुलिस उन नंबरों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, विपरीत स्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की सेना की विशेष ट्रेनिंग का निखिल पूरी तरह फायदा उठा रहा है।
इसके अलावा, उसने अपने मोबाइल का सारा डाटा भी डिलीट कर दिया है। पुलिस की टीम ने मोबाइल को टेक्निकल टीम के पास डाटा बरामद करने के लिए भेज दिया है। निखिल का कहना है कि उसने अपने कपड़े घर के पास ही जला दिए थे, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि उसने इन्हें या तो मेरठ में छिपाया है या वहां जलाया है। इसके अलावा दूसरा चाकू भी निखिल ने वहीं छिपाया हो सकता है। इसीलिए पुलिस उसे मेरठ ले गई है।
चाकू बेचने वाले ने निखिल को नहीं पहचाना
दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो दिल्ली कैंट इलाके की जिस दुकान से निखिल ने कुछ दिन पूर्व दो स्विस चाकू खरीदे थे, उसके मालिक ने हांडा को पहचानने से इंकार कर दिया है। उसका कहना है कि उसकी दुकान पर रोज बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में उसके लिए यह बताना कि चाकू को उसने ही खरीदा, खासा मुश्किल है। बता दें कि पुलिस की पूछताछ में आरोपी निखिल ने बताया था कि उसने दोनों स्विस नाइफ दिल्ली कैंट स्थित बर्तन भंडार नामक दुकान से खरीदे थे। दुकानदार सेना के स्विस नाइफ भी रखता है।
कार से मिले ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे
पुलिस के मुताबिक, मेजर निखिल ने कार में ही शैलजा का गला रेत दिया था। कार में उसका खून गिर गया था। आरोपी ने कार को धुलवाकर खून साफ कराने का प्रयास किया था। इसके बाद भी कार से पूरी तरह खून साफ नहीं हो पाया था। पुलिस को करीब 7 जगह कार में खून लगा मिला है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने बुधवार को सैंपल शैलजा के डीएनए से मैच कराने के लिए भेज दिया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि खून शैलजा का ही था या नहीं।