फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   prisoners protests againts jail administrations heavy rules in UP's gorakhpur

सख्ती से भड़के कैदियों ने जेल पर किया कब्जा, बवाल में एक का सिर कुचला

Thu, 13 Oct 2016 10:30 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर Updated Thu, 13 Oct 2016 10:30 PM IST
विज्ञापन
prisoners protests againts jail administrations heavy rules in UP's gorakhpur

मंडलीय जेल में बृहस्पतिवार की सुबह बंदी की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। बंदियों ने जेलर की प्रताड़ना से बंदी की मौत का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्हें जब रोकने तीन बंदीरक्षक पहुंचे तो हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया। 

विज्ञापन


फोर्स के साथ पहुंचे डीएम, एसएसपी ने बल प्रयोग कर बंदियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। डीआईजी जेल और अधीक्षक जब बंदियों को समझाने पहुंचे तो उन्हें भी बंधक बना लिया गया। बवाल के बीच चार बंदियों ने उत्तरी दीवार फांदकर भागने का भी प्रयास किया जिन्हें टॉवर तीन के बंदी रक्षक ने आठ राउंड फायरिंग कर रोका।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे बंदियों को बैरक से बाहर निकाला गया। इसी दौरान हत्या के मामले में बंद चिलुआताल के दूबी गांव निवासी सूर्यभान पासवान (41) की तबीयत बिगड़ गई। बंदी रक्षकों ने उन्हें जेल के अस्पताल में भर्ती कराया जहां स्थिति गंभीर होने पर सूर्यभान को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने सूर्यभान को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मंडलीय कारागार के बंदियों ने जेलर के साथ ही बंदीरक्षकों पर सूर्यभान के साथ ही अन्य बंदियों की पिटाई करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बंदी रक्षकों ने जेल अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी

prisoners protests againts jail administrations heavy rules in UP's gorakhpur

हंगामा बढ़ने पर बंदी रक्षक राजेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव, रामनरेश कुशवाहा, जनार्दन मिश्र, जयप्रताप सिंह पहुंचे तो बंदियों ने उन पर हमला कर दिया। राजेंद्र का सिर कुचलने का भी प्रयास किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद सुरेंद्र और रामनरेश गंभीर हाल में राजेंद्र को लेकर जेलर के आफिस पहुंचे।

यहां बंदियों ने जनार्दन और जयप्रताप को बंधक बना लिया। जेलर डॉक्टर आरके सिंह ने पगली घंटी बजाने के साथ ही अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। बंदीरक्षकों ने जब उत्पात मचा रहे बंदियों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने बैरक की छत और पेड़ पर चढ़कर पथराव शुरू कर दिया। परिसर में रखे कूड़े में आग लगाने के साथ ही किचन में रखा सिलेंडर कब्जे में ले लिया। 

सुबह 9:30 बजे डीएम संध्या तिवारी, एसएसपी रामलाल वर्मा जिले के सभी पुलिस अधिकारी, थानेदार के साथ जेल पहुंचे। आंसू गैस के गोले, रबर बुलेट चलाकर स्थिति को काबू में करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर 1:20 बजे लखनऊ से लौटे जेल अधीक्षक एसके शर्मा ने स्थिति संभाल लेने का भरोसा देकर बंदियों से बातचीत कर डीएम, एसएसपी के साथ ही फोर्स को जेल से वापस भेज दिया। फोर्स के साथ अफसरों के जाने पर भी बंदियों ने बंदी रक्षकों को नहीं छोड़ा। 

इस घटना से नाराज बंदी रक्षकों ने जेल अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोपहर 3:30 बजे पहुंचे डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ल, जेल अधीक्षक एसके शर्मा के साथ बंदियों से बात करने गए तो बंदियों ने उन्हें बंधक बनाकर बैरक में रखे गए घायल बंदीरक्षकों को छोड़ा जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डीएम, एसएसपी स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहे थे लेकिन देर शाम तक जेल में बवाल जारी था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed