स्वच्छता रैकिंग में इंदौर छठी बार नंबर वन है, क्योंकि त्योहारों पर भी शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होती। दीपावली पर पटाखों के कारण सबसे ज्यादा सड़कों पर कचरा होता है। सोमवार रात को भी शहर में खूब पटाखे फोड़े गए। शहर की सड़कें, गलियां पटाखों से पट गई, लेकिन जब शहरवासी सुबह जागे तो सड़कें साफ थी। इसके लिए नगर निगम ने विभिन्न सड़कों पर विशेष सफाई दल तैयार किए थे। उन्हें शहर के प्रमुख मार्गों, पटाखा विक्रय स्थलों, सार्वजनिक स्थानों पर भेजा गया।
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देर रात ही सफाई कर्मियों ने साफ कर दिया था शहर
- फोटो : अमर उजाला
दीपावली पर सूखा कचरा आम दिनों की अपेक्षा 5 टन अधिक रहता है, इसलिए डोर टू डोर कलेक्शन के लिए भी अतिरिक्त वाहन लगाए गए। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने सुबह पांच बजे सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि होली, दीपावली व अन्य त्योहारों पर नगर निगम विशेष प्लानिंग करता है,ताकि शहर की स्वच्छता बरकरार रहे। रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर के चार घंटे बाद ही मध्य क्षेत्र की सड़कें सफाई अमले ने धोकर साफ कर दी थी। शहर में सात हजार से ज्यादा सफाईकर्मी सुबह चार बजे से ही सफाई के काम में जुट गए थे।
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दिवाली पर सफाई के लिए बनाए गए थे विशेष दल
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शहरवासियों ने भी लगाई झाडू
दीपावली के दूसरे दिन मोहल्लों-कालोनियों में कई रहवासियों ने भी झाडू लगाकर कचरा एकत्र किया। इससे सफाईकर्मियों को मदद भी मिली और गलियां जल्दी साफ हो गई। कई रहवासी संघों ने सफाईकर्मियों को दीपावली के उपलक्ष्य में उपहार भी दिए।