मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जल्द ही केंद्र की राजनीति में सक्रिय दिखेंगे। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजे तीन दिसंबर को घोषित हुए थे। उसके बाद पहली बार शिवराज दिल्ली में आकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले। उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि वह केंद्र और राज्य की राजनीति करते रहेंगे।
Shivraj Singh Chouhan: नड्डा से मिलकर खिल उठा शिवराज का चेहरा, केंद्र में भूमिका तय, जल्द होगा खुलासा
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है। संकेत मिले हैं कि उन्हें केंद्र में जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए वह भी तैयार हो गए हैं। जल्द ही उनकी नई भूमिका का खुलासा भी हो जाएगा।
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शिवराज बोले- जो भी पार्टी तय करेगी, वह करूंगा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिवराज ने कहा कि कार्यकर्ता के नाते मेरे लिए पार्टी जो भी भूमिका तय करेगी, वह काम मैं करूंगा। जब पूछा गया कि क्या केंद्र की राजनीति करेंगे? इस पर शिवराज ने कहा कि हम राज्य में रहेंगे और केंद्र में भी। मैं अपने बारे में नहीं सोचता। जो अपने बारे में सोचता है, वह अच्छा इंसान नहीं होता। विकसित भारत संकल्प यात्रा में जो भी भूमिका पार्टी तय करेगी, वह काम करूंगा। अगर आप एक बड़े मिशन के लिए काम करते हो तो पार्टी ही तय करती है कि आप क्या काम करेंगे।
भविष्य से जुड़े हर सवाल पर दिया एक ही जवाब
शिवराज से पत्रकारों ने कई सवाल पूछे। भविष्य में क्या करेंगे, इससे जुड़े हर प्रश्न पर उनका सधा हुआ जवाब था कि जो पार्टी तय करेगी, वह करूंगा। विकसित भारत संकल्प यात्रा में क्या भूमिका रहेगी, इस पर शिवराज बोले कि जो पार्टी तय करेगी, वह निभाएंगे। अभी कुछ जगहों पर मुझे जाने को कहा गया है। मैं दक्षिण के राज्यों में जाऊंगा। इस पर उनसे पूछा गया कि क्या दक्षिण के राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है? शिवराज बोले- कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल पर फैसला पार्टी लेगी
शिवराज से पूछा गया कि क्या मोहन यादव की सरकार में नए चेहरे शामिल होंगे? इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पार्टी तय करेगी, वह होगा। सलाह-मशविरा जो होना था, वह हो गया है। भोपाल में आज भाजपा विधायक दल की पहली बैठक है। मेरा पहली बैठक में मौजूद रहना आवश्यक है। मैं आज वापस जाऊंगा और फिर वापस आऊंगा और आपसे बार-बार मिलता रहूंगा।
बदले-बदले से दिखे शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव के नतीजों के बाद भी ग्वालियर में जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। अब वे दिल्ली आकर मिले हैं। पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह कहा था कि मैं अपने लिए कुछ भी मांगने के लिए दिल्ली नहीं जाऊंगा। अपने लिए कुछ मांगने से बेहतर मैं मर जाना पसंद करूंगा। इस बयान के कई मायने निकाले गए थे। नतीजों के बाद शिवराज पहली बार दिल्ली आए, तो उसकी रूपरेखा पहले से तय थी। नड्डा से मुलाकात के बाद उनकी बॉडी लैंग्वेज भी बदली-बदली सी दिखी। सूत्रों का कहना है कि शिवराज को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। इसकी सूचना उन्हें दे दी गई है।
भाई-बहन का प्यार अमर है
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से शिवराज जहां जा रहे हैं, वहां महिलाएं उन्हें बड़ी संख्या में घेर रही है। सीहोर, विदिशा समेत अन्य स्थानों पर महिलाओं ने उन्हें घेरा और रोते-रोते उनसे वापस लौटने का आग्रह किया। एक-दो जगहों पर तो शिवराज भी रोते देखे गए। इस पर सवाल पूछा गया कि केंद्र में भूमिका लाड़ली बहनें क्या सोचती हैं, इस पर शिवराज ने कहा कि बहन-भाई का प्यार अमर है। उसका किसी पद से कोई संबंध नहीं है।
भविष्य पर चर्चा की
शिवराज ने स्वीकार किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान उनके भविष्य पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी से भेंट करने आया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते उनके नेतृत्व में हम काम करते हैं। वह मार्गदर्शक भी हैं और मेरे मित्र भी हैं। युवा मोर्चा में जब वह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब मैं राष्ट्रीय सचिव था। लंबे समय तक हम लोगों ने साथ काम किया है। अगले काम के बारे में भी उन्होंने मुझसे चर्चा की है। फिलहाल मैं विकसित भारत संकल्प यात्रा में मेरे जो कार्यक्रम बनेंगे और उनमें मैं जाऊंगा। मैं कहां रहूं यह कभी नहीं सोचता। मैं अपनी पार्टी के माध्यम से देश की सेवा कैसे कर पाऊं और हमारे प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के मिशन को कैसे आगे बढ़ा पाऊं, इस काम में मैं निरंतर लगा रहूंगा।
मोहन यादव मेरे भी नेता
शिवराज ने कहा कि मंत्रिमंडल के गठन के संबंध में भी नड्डा जी से चर्चा हुई है। सलाह-मशविरा हुआ है। मध्य प्रदेश में भी मंत्रिमंडल का गठन होना है। आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भी जो वह भूमिका तय करेंगे उसे पर मैं काम करूंगा। मध्य प्रदेश में डॉक्टर मोहन यादव जी मुख्यमंत्री हैं। मैं एक विधायक हूं और मुख्यमंत्री होने के नाते वह मेरे भी नेता हैं। भाजपा में कोई छोटा और कोई बड़ा नहीं होता है। मेरी दिल से यही इच्छा है कि हमने मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित मध्य प्रदेश बनाया। मोहन यादव उसे और समृद्धि की तरफ और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। यह मेरा भरोसा भी है। मेरी दिली इच्छा है कि वह मुझसे बेहतर काम करें। आगे बढ़कर काम करें।
