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MP News: जातिगत आरक्षण खत्म करने करणी सेना का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, अब सड़क पर आमरण अनशन शुरू
Mon, 09 Jan 2023 09:36 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 09 Jan 2023 09:36 PM IST
सार
करणी सेना के कार्यकर्ता सोमवार सुबह एमपी नगर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए निकले। जिनको पुलिस ने गांधी चौक पर बेरिकेटिंग कर रोक लिया। जिसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए। जिसके बाद से सड़क पर ही प्रदर्शन जारी है।
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करणी सेना के पदाधिकारी सड़क पर धरने पर बैठे
- फोटो : अमर उजाला
जातिगत आरक्षण समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना परिवार का जनआंदोलन दूसरे दिन भी जारी है। जंबूरी मैदान के बाद अब करणी सेना के कार्यकर्ता दूसरे दिन पुलिस के रोकने पर सड़क पर बैठ गए। इसके चलते अवधवुपरी से एमपी नगर को जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। लोगों को घूम कर जाना पड़ रहा है। आंदोलनकारी और सरकार के बीच बातचीत सफल नहीं हो पा रही हैं।
अवधपुरी सड़क पर लेटे करनी सेना के कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
दो लोगों की तबीयत बिगड़ी
रविवार से करनी सेना के पांच लोग अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें से दो की सोमवार को तबीयत बिगड़ गई। जिन्हें मेडिकल टीम ने तुरंत जेपी अस्पताल में भर्ती कराया। इससे पहले जेपी अस्पताल से पहुंची मेडिकल टीम से भूख हड़ताल पर बैठे पांचों लोगों ने जांच कराने से मना कर दिया। पुलिस के बार-बार जांच कराने का कहने के बावजूद कोई तैयार नहीं हुआ।
रविवार से करनी सेना के पांच लोग अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें से दो की सोमवार को तबीयत बिगड़ गई। जिन्हें मेडिकल टीम ने तुरंत जेपी अस्पताल में भर्ती कराया। इससे पहले जेपी अस्पताल से पहुंची मेडिकल टीम से भूख हड़ताल पर बैठे पांचों लोगों ने जांच कराने से मना कर दिया। पुलिस के बार-बार जांच कराने का कहने के बावजूद कोई तैयार नहीं हुआ।
पुलिस ने बेरिकेटिंग कर करणी सेना के कार्यकर्ताओं का रास्ता रोका
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस और कार्यकर्ताओं की कहासुनी
अवधपुरी और एमपी नगर की सड़क पर गांधी चौक के पास बैठे कार्यकर्ताओं और पुलिस के अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। पुलिस अधिकारियों की तरफ से भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की जांच करने की बात करने पर कार्यकर्ता उन पर भड़क गए और उन्हें भड़काने के आरोप लगाने लगें।
अवधपुरी और एमपी नगर की सड़क पर गांधी चौक के पास बैठे कार्यकर्ताओं और पुलिस के अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। पुलिस अधिकारियों की तरफ से भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की जांच करने की बात करने पर कार्यकर्ता उन पर भड़क गए और उन्हें भड़काने के आरोप लगाने लगें।
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अवधपुरी की तरफ जाने वाली सड़क पर धरना
- फोटो : अमर उजाला
मंत्री के बयान से भी नाराज करणी सेना
जातिगत आरक्षण को खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने समें 21 सूत्रीय करणी सेना की मांगों में से दो को सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरियां ने असंवैधानिक बताया है। इसमें एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी के पहले जांच और एससी-एसटी के लिए बनाए विशेष कानून की तर्ज पर सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा के कानून की मांग की है। इसे मंत्री ने असंवैधानिक बताया है। इस पर करणी सेना ने नाराजी जाहिर की हैं।
मांगे नहीं सरकार हो गई असंवैधानिक
करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शरेपुर ने कहा कि मांगे नहीं सरकार असंवैधानिक हो गई हैं। सरकार सामान्य और पिछड़ा वर्ग के साथ भेदभाव क्यों कर रही हैं। ऐट्रोसिटी एक्ट से सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। जीवन सिंह ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
जातिगत आरक्षण को खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने समें 21 सूत्रीय करणी सेना की मांगों में से दो को सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरियां ने असंवैधानिक बताया है। इसमें एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी के पहले जांच और एससी-एसटी के लिए बनाए विशेष कानून की तर्ज पर सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा के कानून की मांग की है। इसे मंत्री ने असंवैधानिक बताया है। इस पर करणी सेना ने नाराजी जाहिर की हैं।
मांगे नहीं सरकार हो गई असंवैधानिक
करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शरेपुर ने कहा कि मांगे नहीं सरकार असंवैधानिक हो गई हैं। सरकार सामान्य और पिछड़ा वर्ग के साथ भेदभाव क्यों कर रही हैं। ऐट्रोसिटी एक्ट से सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। जीवन सिंह ने कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
