यूपी के सीएम योगी ने लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में स्टार्टअप कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप के लिए एक हजार करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। किसी भी युवा को स्वरोजगार शुरू करने के लिए फंड की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलेपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) के साथ 15 सितंबर तक एमओयू भी कर लिया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में लगी थ्री डी फिल्म भी देखी। इसके लिए उन्होंने चश्मा पहना तो इस अंदाज में नजर आए।
उन्होंने युवाओं से अभिनव प्रयोग करने का आह्वान भी किया, ताकि आम लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सके। साथ ही डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए 27 हजार गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर लाइन पहुंचाने का अपनी सरकार का संकल्प भी दोहराया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को स्टार्टअप के लिए एक निश्चित समय तक 15 हजार रुपये महीना अनुदान और 10 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद में सर्वगुण संपन्न नहीं हो सकता। जिस तरह से क्रिकेट टीम में अगर सभी खिलाड़ी बैटिंग के ही माहिर हों तो वह टीम कभी सफल नहीं हो सकती, उसी तरह समाज को आगे बढ़ाने के लिए भी अलग-अलग मेधा और गुणों से लैस लोगों की जरूरत होती है।
कांग्रेसी निजाम ने नहीं की आम लोगों की चिंता
सीएम योगी ने कांग्रेस के निजाम पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद जो सरकारें बनीं, उनका उद्देश्य किसी भी तरह सत्ता में बने रहना था। समाज और आम लोग उनके केंद्र में नहीं थे। पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी ने उस दायित्व को निभाया है। वे जहां गरीबों के हित में लगातार नीतियां बना रहे हैं, वहीं उन्हें नेतृत्व दे सकने की क्षमता रखने वाले लोगों की भी उपेक्षा नहीं कर रहे हैं। (लोगों ने इस तरह मोबाइल की लाइट जलाकर स्टार्टअप योजना का स्वागत किया।)