तनाव और हाई ब्लड प्रेशर से बढ़ता है इस बीमारी का खतरा, कम खाएं चीनी-नमक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहिया संस्थान के डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि मस्तिष्क के किसी हिस्से में खून की आपूर्ति बाधित होने से ब्रेन स्ट्रोक आता है। अंग सुन्न होने या लकवा जैसी स्थिति, बोलने में दिक्कत, मुह से लार निकलने लगती हैं। तत्काल इलाज न मिलने पर अंग काम करना बंद कर देते हैं। छह घंटे के अंदर इलाज मिल जाए तो मरीज को अपाहिज होने से बचाया जा सकता है। स्ट्रोक पड़ने के मामले में 13 फीसदी कारण हाई ब्लड प्रेशर होता है। 87 फीसदी मामले में ब्रेन में रक्त अवरोध होना है।
केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरके गर्ग ने बताया कि स्ट्रोक के कई कारण होते हैं। इसमें डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, हाई बीपी शामिल है। स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही तत्काल सीटी स्कैन कराएं। रिफाइंड तेल, चीनी, नमक और फ्राइड फूड ज्यादा मात्रा में खाने वाले लोगों को स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, शराब, धूम्रपान, मोटापा, जंक फूड का सेवन और तनाव है।
केजीएमयू ट्रॉमा में रिजर्व हैं पांच बेड
ब्रेन स्ट्रोक होने पर छह घंटे के अंदर इलाज की जरूरत होती है। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए पांच बेड रिजर्व हैं। यहां तत्काल इलाज की व्यवस्था है।
- अचानक अंगों में कमजोरी आना।
- शरीर के किसी हिस्से में सुन्न महसूस होगा।
- देखने, सुनने व बोलने की शक्ति कम होना।
- चेहरे में टेढ़ापन, बोलने में समस्या होना।