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लखनऊ: रेलवे सिग्नल ब्लास्ट साजिश में चार संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट, एटीएस ने किया पुख्ता सबूत का दावा
Mon, 24 Aug 2026 03:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 24 Aug 2026 03:47 AM IST
सार
जांच में पुख्ता हुआ कि चारों का संपर्क पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्ठी के नेटवर्क से था। आरोपियों ने उसके व अन्य पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर देश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी की थी।
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एटीएस
- फोटो : IANS
विस्तार
आलमनगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए गए चार संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ एटीएस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में पुख्ता हुआ कि चारों का संपर्क पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्ठी के नेटवर्क से था। आरोपियों ने उसके व अन्य पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर देश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी की थी। विवेचना के दौरान एटीएस को आरोपों की पुष्टि करने वाले अहम सबूत मिले हैं।
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एटीएस ने 2 अप्रैल 2026 को राजधानी के आलमनगर रेलवे स्टेशन से मेरठ के साकिब उर्फ डेविल, अरबाब व नोएडा के विकास उर्फ रौनक व लोकेश उर्फ पपला को गिरफ्तार किया था। चारों रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल में ब्लास्ट करने आए थे। चारों का कनेक्शन शहजाद भट्ठी से पाया गया था। एटीएस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
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एटीएस ने मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से शहजाद भट्ठी और दूसरे पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत की चैट जुटाई। इन चैट से पाकिस्तानी नेटवर्क के सीधे संपर्क में होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि हैंडलर्स की ओर से आरोपियों को अलग-अलग टास्क दिए जा रहे थे और वारदात के लिए उन्हें तैयार किया जा रहा था।
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वॉयस सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी, आकिब वांटेड
आरोपियों के मोबाइल से कई वॉयस रिकॉर्डिंग मिली थीं। जो हैंडलर्स ने भेजी थी। जांच एजेंसी ने उसको रिकवर कराया और मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। इसकी रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं गिरोह के अहम सदस्य मेरठ निवासी आकिब वांटेड है। वह दुबई में है। उसको भारत लाने का प्रयास एजेंसी कर रही है।