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तेजस समेत इस एक्सप्रेस को नहीं मिल रहे यात्री, यहां देखें- इतनी सीटें हैं खाली 

Thu, 29 Oct 2020 03:31 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 29 Oct 2020 03:31 PM IST
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more than half the seats are vacant in tejas and shatabdi express
तेजस एक्स्प्रेस - फोटो : amar ujala
तेजस व शताब्दी एक्सप्रेस जैसी वीआईपी गाड़ियों को यात्री नहीं मिल रहे हैं। चेयरकार का हाल बदहाल हो गया है। खर्च निकलना तक मुहाल हो गया है। हालत यह है कि जब चेयरकार में यात्रियों को दूसरी गाड़ियों से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं और तय समय में पहुंचाया जा रहा है। दरसअल, मार्च में कोरोना संक्रमण के चलते ट्रेनों का संचालन बंद था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने एक जून से गोमती, लखनऊ मेल और पुष्पक एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया। वहीं 12 सितंबर से लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस और 17 अक्तूबर से तेजस एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया गया।
more than half the seats are vacant in tejas and shatabdi express

खास बात यह है कि शताब्दी और तेजस एक्सप्रेस दोनों ही चेयरकार ट्रेन हैं। तेजस जहां लखनऊ जंक्शन से सुबह छह बजे के आसपास रवाना होती है, वहीं शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर 3.30 बजे जंक्शन से चलती है। खास बात यह है कि दोनों ही ट्रेनों को यात्री नसीब नहीं हो रहे हैं। ट्रेन में आधी से ज्यादा सीटें खाली रहती हैं। तेजस में यात्रियों को 10 लाख रुपये का मुफ्त बीमा भी दिया जाता है। इसके अलावा सेवा सत्कार से लेकर खानपान तक की बेहतर व्यवस्था रहती है। हालांकि, आईआरसीटीसी व रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार में चेयरकार की हालत बदल जाएगी और यात्रियों की संख्या बढ़ने से सीटें फुल रहेंगी। यात्रियों की संख्या ऐसे ही बनी रही तो ट्रेन संचालन का खर्च निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। इतना ही नहीं संचालन स्थगित करने की नौबत आ सकती है। 


 


 
more than half the seats are vacant in tejas and shatabdi express
 ...तो क्या इसलिए नहीं मिल रहे यात्री

यात्री प्रकाश सिंह ने बताया कि तेजस और शताब्दी एक्सप्रेस में डायनेमिक फेयर लगने की वजह से किराया काफी महंगा हो जाता है। तेजस का किराया दिल्ली की दूसरी ट्रेनों से पांच से सात सौ रुपये तक ज्यादा महंगा होता है। डायनेमिक फेयर के तहत शताब्दी एक्सप्रेस की चेयर कार का अधिकतम किराया जहां 1400 पार हो जाता है, वहीं तेजस एक्सप्रेस का किराया 1500 रुपये से अधिक हो जाता है। शताब्दी में अनुभूति कोच का किराया तो करीब ढाई हजार रुपये तक पहुंच जाता है। 
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more than half the seats are vacant in tejas and shatabdi express
इतने यात्रियों ने किया सफर
तारीख    शताब्दी    तेजस  
   21        267        80
   22        333        93
   23        448      104
   24        377      122
   25        443      155
   26        362      125
   27        419      123

इतनी सीटें हैं खाली
तारीख         शताब्दी           तेजस  
            सीसी    एग्जी.    सीसी    एग्जी.
अक्टूबर    
29         648      07      310     18
30         645      04      299     20
31         664      13      319     26
नवम्बर           
1          664      03       294     18
2         819      11        365     26
3         805     14        384      25
(सीसी-चेयरकार, एग्जी-एग्जीक्यूटिव)

 
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लखनऊ मेल में वेटिंग, शताब्दी में सीटें खाली
एक ओर जहां शताब्दी और तेजस एक्सप्रेस जैसी चेयरकार गाड़ियों में सीटें सैकड़ों की संख्या में खाली है। वहीं दूसरी तरफ लखनऊ मेल में वेटिंग चल रही है, जबकि सारी गाड़ियां वीआईपी हैं। लखनऊ मेल में अगले एक हफ्ते तक स्लीपर क्लास में वेटिंग 131, 63, 107, 128, 83, 40 और थर्ड एसी में 24, 20, 16, 33 है। कमोबेश दिल्ली जाने वाली और गाड़ियों की भी यही स्थिति है।
 
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