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UP: मानसून की विदाई में देरी की वजह कहीं ये तो नहीं... बंगाल की खाड़ी में दोबारा उठी हलचल, यूपी में होगी बारिश
Mon, 16 Sep 2024 12:22 PM IST
शाहरुख खान
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 16 Sep 2024 12:22 PM IST
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Up Weather
- फोटो : अमर उजाला
देशभर में इस बार मानसून की अवधि लंबी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस साल सितंबर में तुलनात्मक रूप से ज्यादा बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक अब तक देश में 108 फीसदी बारिश हो चुकी है। सितंबर अभी आधा ही बीता है और पिछले साल के मुकाबले इस माह अब तक 71.1 फीसदी बारिश हो चुकी है। आमतौर पर सितंबर के दूसरे सप्ताह से मानसून भारतीय राज्यों से वापस लौटने लगता है।
बारिश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की मानें तो इस साल सितंबर से फरवरी 2025 माह के बीच ला-नीना इफेक्ट के सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। यही वजह है कि इस बार भारत में मानसून के लौटने में देरी हो रही, साथ ही इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने के भी आसार जताए जा रहे हैं।
बारिश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
क्या होता है ला नीना प्रभाव
दरअसल कुछ समय के अंतराल पर मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में उल्लेखनीय रूप से गिरावट आती है, तब इसे ला-नीना प्रभाव कहा जाता है। इसका सीधा असर वायुमंडल, हवा, दबाव और बारिश के पैटर्न पर पड़ता है।
दरअसल कुछ समय के अंतराल पर मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में उल्लेखनीय रूप से गिरावट आती है, तब इसे ला-नीना प्रभाव कहा जाता है। इसका सीधा असर वायुमंडल, हवा, दबाव और बारिश के पैटर्न पर पड़ता है।
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बारिश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
ला नीना का प्रभाव उसकी तीव्रता, अवधि, वर्ष के समय के आधार पर अलग-अलग होता है। मौसम में बदले पैटर्न के असर से आमतौर पर वातावरण के तापमान में बदलाव, कहीं भारी बारिश और कहीं बाढ़, तूफान और चक्रवात की संख्या में कमी, कहीं सूखा और जल संकट, कृषि और खाद्य उत्पादन पर प्रभाव आदि देखने को मिलता है।
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बारिश (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
बंगाल की खाड़ी में दोबारा उठी हलचल से दक्षिणी यूपी में होगी बारिश
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून शनिवार व रविवार को थमा रहा। बारिश थमने से उमस भरी गर्मी का असर दिखने लगा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तटवर्ती पश्चिम बंगाल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने और एक नए वेदर सिस्टम के विकसित होने से अगले दो से तीन दिन पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मौसम प्रभावित रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून शनिवार व रविवार को थमा रहा। बारिश थमने से उमस भरी गर्मी का असर दिखने लगा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तटवर्ती पश्चिम बंगाल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने और एक नए वेदर सिस्टम के विकसित होने से अगले दो से तीन दिन पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मौसम प्रभावित रहने की संभावना है।