यूपी में पहली बार मनाए जा रहे महिला सुरक्षा सप्ताह (वूमेन सिक्योरिटी वीक) की शुरुआत डीजीपी सुलखान सिंह ने आईटी कालेज से की। डीजीपी ने छात्राओं को उनके हक और पुलिस द्वारा उनके लिए चलाई जा रही पुलिस सेवाओं के बारे में बताया। छात्राओं ने सीधे डीजीपी से सवाल भी पूछे और अधिकारियों के फोन न उठाने से लेकर वीमेन पावर लाइन की पेचीदगी के बारे में भी सवाल किया।
छात्रा से बोले यूपी डीजीपी, 'सॉरी, आपके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था, जानें- क्या था पूरा मामला
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इस सवाल के जवाब में सिकेरा ने कहा कि 1090 महिलाओं को जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करता है। 1090 की मंशा यह है कि किसी छात्रा या महिला के नाम पर दूसरा कोई शिकायत तो नहीं कर रहा है और सच्चाई कुछ और हो। सिर्फ इस वजह से पीड़िता की ही शिकायत दर्ज की जाती है।
एक अन्य छात्रा ने सवाल किया कि स्लम एरिया में पुलिस देर में पहुंचती है इस पर डीजीपी ने कहा कि यूपी 100 को मजबूत किया जा रहा है और कम समय में घटना स्थल पर पहुंचने का समय कम से कम हो इसका प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस के रिस्पांस टाइम में काफी सुधार हुआ है और काफी सुधार की गुंजाइश है। एक छात्रा ने डीजीपी से पूछा कि लखनऊ में आईटी सिटी बन रहा है। वहां पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या किया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि इसके लिए आईटी सिटी में नया थाना खोला जाना प्रस्तावित है।
आखिर में डीजीपी ने छात्राओं को अपमान न सहने की शपथ दिलाई। डीजीपी ने बताया कि महिला पावर लाइन द्वारा छात्राओं को जागरुक किया जा रहा है और 20 हजार नई पावर एंजिल (शक्ति परी) बनाया जा रहा है। इसके लिए महिला पावर लाइन द्वारा आईडी कार्ड जारी किया जाता है। अंत में डीजीपी ने वहां के कर्मचारियों को कंबल वितरित किया।
डीजीपी ने मीडिया को बताया पहली बार पुलिस द्वारा इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। हर जिले में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह छात्राओं के स्कूलों में जाकर ‘खुल कर बोलो चुप्पी तोड़ो’ के प्रति जागरुक करें।
यूपी डीजीपी के साथ आईटी कॉलेज की छात्राएं।