यूपी विधानसभा सत्र: राज्यपाल पर फेंके गए कागज के गोले, हंगामे के बाद सदन स्थगित
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उम्मीदों के मुताबिक यूपी विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। कासगंज हिंसा, प्रदेश की कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराधों और किसानों की बदहाली के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की।
इसी हंगामे के बीच राज्यपाल राम नाईक ने बजट अभिभाषण पूरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर काम कर रही है। विकास अब जमीन पर दिखने लगा है।
संगठित रूप से अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ यूपीकोका जैसा सख्त कानून लाया गया है। प्रदेश में बड़े स्तर पर भूमाफियाओं को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस दौरान विपक्ष हाथों में तख्ती लेकर 'राज्यपाल वापस जाओ' के नारे लगाता रहा। सत्र की कार्यवाही स्थगित न होती देख विपक्ष के नेताओं ने राज्यपाल पर कागज के गोले फेंकने और सदन में गुब्बारे उड़ाने शुरू कर दिए।
इस पर राज्यपाल ने कहा कि 'आप लोग सभ्य समाज के व्यक्ति हैं यह प्रदर्शित करने का प्रयास करें' राज्यपाल का अभिभाषण पूरा होने के साथ ही सत्र को स्थगित कर कर दिया गया।
कासगंज हिंसा पर विपक्ष का वार
सत्र स्थगित होने के बाद सपा नेता विधानभवन के बाहर तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कासगंज हिंसा पर सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कासगंज में 26 जनवरी का जश्न मना रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों पर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी के लोगों ने हमला किया और सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए निर्दोषों को पकड़-पकड़ कर जेल भेज रही है, जबकि जिन्होंने आजदी के जश्न में खलल डाला उन पर एक भी कार्रवाई नहीं की गई है।
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