अपनी अजीबोगरीब हरकतों के चलते तरह-तरह की चर्चाओं में रही ‘वनदुर्गा’ जंगली नहीं, बल्कि आम इंसान है। वह जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर इलाके के कमलापुर गांव की रहने वाली है। पिछले साल 28 मार्च को अलीजा घर के सामने से खेलते हुए लापता हो गई थी। मंदबुद्धि अलीजा की हरकतों को लेकर उसे लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा रही। उसे ‘मोगली गर्ल’ ‘जंगल गर्ल’ और ‘वनदुर्गा’ तक कहा जाने लगा।
सामने आई 'मोगली गर्ल' की सच्चाई, पढ़ें- क्या है पूरी कहानी
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खबरों में आने के बाद अलीजा के चाचा-दादा बहराइच पहुंच गए। उन्होंने बताया कि अलीजा की मुंगरा बादशाहपुर थाने में गुमशुदगी भी दर्ज है। उन्होंने अलीजा की गुमशुदगी के पोस्टर भी दिखाए। सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि परिवारीजनों ने जो दस्तावेज दिखाए हैं उससे लगता है कि बच्ची उन्हीं की है।
...और वह बन गई ‘वनदुर्गा’
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज में वन चौकी के पास ही इस साल 20 जनवरी को अलीजा लहूलुहान हालत में मिली थी। ग्रामीणों व वनकर्मियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बालिका को सीएचसी पहुंचाया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में 75 दिन तक वह भर्ती रही। चाइल्ड लाइन ने उसका नाम पूजा रखा। पर, अचानक कुछ दिन पहले वह चर्चा में आ गई। उसके व्यवहार को लेकर यह भी कहा जाने लगा कि वह बंदरों के बीच बरसों से रह रही थी। इसी बीच डीएम अजय दीप सिंह ने उसे ‘वनदुर्गा’ नाम दे दिया।
जूनोसिस के संक्रमण की आशंका
बहराइच में मिली लावारिस बालिका को लखनऊ के तकरोही स्थित निर्वाण संस्थान में भर्ती कराया गया है। यहां पहुंचने पर उसका डॉ. एसएस धपोला ने विश्लेषण किया और उसकी जांच की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि चूंकि बच्ची लावारिस हालत में बंदरों के बीच पाई गई थी, ऐसे में उसे जूनोसिस रोग के संक्रमण की आशंका हो सकती है, जिसे दूर करने की लिए रेबीज व अन्य संक्रमण की जांच होगी। हालांकि डॉ. धपोला ने दावा किया है कि बच्ची लंबे समय से मानव संपर्क में नहीं आई है इसलिए वह डरी हुई है।
मिल गया अपना नाम...
अलीजा को लेकर सारी कहानियों पर उस वक्त विराम लग गया जब उसके चाचा भुल्लन शाह और दादा हामिद अली शाह यहां जिला अस्पताल पहुंचे। उनके पास अलीजा की फोटो थी। गुमशुदगी का पोस्टर था। चाचा भुल्लन बताते हैं कि वह उनके भाई रमजान की बेटी है। रमजान मेहनत-मजदूरी करते हैं। अलीजा छह बहन और एक भाई है। वह बहनों में मझली है। सीएमएस डीके सिंह का कहना है कि बच्ची उन्हीं की है।