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लखनऊ में आकार लेने लगे हैं तीन और मेट्रो स्टेशन, देखें तस्वीरें...
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 21 Dec 2017 12:29 PM IST
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लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
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केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के बीच नॉर्थ-साउथ कॉरीडोर के तीसरे भाग में बनने वाले आठ में तीन स्टेशनों के ढांचे अब फैजाबाद रोड पर दिखना शुरू हो गए हैं। इनमें रामसागर मिश्र (आरएस मिश्र) नगर स्टेशन का काम सबसे तेज चल रहा है। लेखराज व बादशाहनगर स्टेशन के काम को भी रफ्तार दी जा रही है। केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के बीच 8.5 किमी. में मेट्रो के एलीवेटेड रूट पर यूगर्डर, पिलर्स बनाने का काम 70 फीसदी हो चुका है। एलएमआरसी का फोकस फिलहाल मेट्रो स्टेशनों पर है। आठ में से छह स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है।
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
विश्वविद्यालय और मुंशीपुलिया मेट्रो स्टेशन पर काम शुरू होना बाकी है। बाकी केडी सिंह बाबू स्टेडियम, आईटी चौराहा, बादशाहनगर, लेखराज मार्केट, आरएस मिश्र नगर, इंदिरानगर के छह मेट्रो स्टेशनों पर काम चल रहा है। मेट्रो के एक अधिकारी ने बताया कि अगले छह महीने में इन स्टेशनों के सिविल वर्क को पूरा करने की योजना है।सबसे तेजी से काम आरएस मिश्र नगर के अलावा बादशाहनगर और लेखराज मार्केट पर हुआ है।
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
आरएस मिश्र नगर पर कोनकोर्स एरिया के लेवल तक काम हो चुका है। इसके ऊपर अब प्लेटफार्म लेवल का काम शुरू हो चुका है। वहीं बादशाहनगर और लेखराज मार्केट पर कोनकोर्स एरिया के लिए सिविल वर्क चल रहा है। कोनकोर्स लेवल का मतलब उस एरिया से है जहां टिकट खरीदने के बाद एंट्री प्लेटफार्म से ट्रेन पकड़ने केलिए मिलेगी। इन स्टेशनों के लिए एंट्री-एग्जिट देने के लिए सीढ़ियों का भी निर्माण शुरू हो चुका है।
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लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
सूत्रों का कहना है कि भले ही एलएमआरसी 31 मार्च 2019 का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके उलट लखनऊ मेट्रो की कोशिश सितंबर 2018 तक पूरे सेक्शन पर सिविल वर्क खत्म करने की है। भूमिगत सेक्शन का काम भी लखनऊ मेट्रो सितंबर 2018 तक खत्म कर लेगी। अगर दोनों सेक्शन का काम सितंबर 2018 तक पूरा कर लिया गया। इसके बाद दिसंबर 2018 तक कॉमर्शियल रन पूरे सेक्शन पर करना संभव हो पाएगा। यही प्रदेश सरकार भी चाहती है।
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लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के बीच बड़ी अड़चन माने जा रहे गोमतीनदी में स्पेशल स्पान का काम भी अब जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। इसकी वजह यह है कि गोमती नदी में बनने वाले बैलेंस्ड कैंटेलीवर स्पान बनाने के लिए पिलर्स का काम पूरा कर लिया गया है। पहले पिलर्स बनाने के समय पाइल में पानी भर जाने की वजह से तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं।
मेट्रो के काम को तय डेडलाइन से पूरा करने का प्रयास हम कर रहे हैं। इसके लिए भूमिगत सेक्शन, केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के अलावा ट्रांसपोर्टनगर से एयरपोर्ट के बीच सिविल वर्क पर हमारा पूरा फोकस है। - कुमार केशव, एमडी, एलएमआरसी
मेट्रो के काम को तय डेडलाइन से पूरा करने का प्रयास हम कर रहे हैं। इसके लिए भूमिगत सेक्शन, केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के अलावा ट्रांसपोर्टनगर से एयरपोर्ट के बीच सिविल वर्क पर हमारा पूरा फोकस है। - कुमार केशव, एमडी, एलएमआरसी