घने जंगलों में तेंदुओं को टिकने नहीं दे रहे बाघ, बढ़ रहा तेंदुआ-मानव संघर्ष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में बाघों की बढ़ रही संख्या से एक नया संकट खड़ा हो गया है। वर्ष 2017-18 की गणना के अनुसार प्रदेश में बाघों की संख्या 173 है। आदर्श स्थिति में एक बाघ के लिए 25 वर्ग किमी का क्षेत्रफल आवश्यक है। प्रदेश में ये बाघ दुधवा, किशनपुर, कतर्निया घाट, पीलीभीत और अमानगढ़ के जंगलों में हैं, जहां का कुल क्षेत्रफल 1775.79 वर्ग किमी है। यानी, एक बाघ के लिए 10.264 वर्ग किलोमीटर एरिया ही मिल पा रहा है। यही वजह है कि ये बाघ तेंदुओं को जंगल से खदेड़ दे रहे हैं। नदियों के कछार में भी उन्हें समुचित ठिकाना नहीं मिल पा रहा है। नतीजतन वे जंगलों से निकलकर खेतों या आबादी वाले इलाकों में आकर भटक जा रहे हैं।
हाल ही कतर्नियाघाट के जंगलों से निकलकर तेंदुए गांव में पहुंच गए और हमला करके लोगों को घायल कर दिया। ग्रामीणों की पिटाई से दोनों तेंदुए मर गए। इसी तरह बरेली के आंवला क्षेत्र में रामगंगा के किनारे के गांवों में तेंदुए के आने से लोग दहशत में आ गए। बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर के घनी आबादी वाले इलाकों में भी तेंदुए पकड़े गए। यहां तक कि हिंडन एयरपोर्ट परिसर में भी तेंदुआ मिला है। बलरामपुर के आबादी वाले हिस्सों में आए दिन तेंदुए आ जाते हैं। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भी तेंदुए के कारण कई दिन हड़कंप मचा रहा।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ और तेंदुए का भोजन सांभर, चीतल और हिरन आदि हैं। इसलिए दोनों के बीच टकराव स्वाभाविक है। ताकतवर होने के कारण बाघ तेंदुओं को जंगल में टिकने नहीं दे रहे हैं। जंगल के बाद तेंदुए का प्राकृतिक वास नदियों के कछार और जंगल से लगे गन्ने के खेत हैं। यहां से वे आसानी से आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं, क्योंकि वहां उन्हें कुत्ते, बकरी और गाय-भैंस आदि आसान शिकार मिल जाते हैं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिहाज से प्रदेश को छह क्षेत्रों में बांटा गया है। इन हिस्सों को एल-1, एल-2, एल-3, एल-4, एल-5 और एल-6 नाम दिया गया है। एल-1 में गंगा और सहायक नदियों के किनारे वाले इलाके हैं। एल-2 में तराई व भावर का इलाका, एल-3 में यमुना व चंबल का बीहड़, एल-4 में बुंदेलखंड, एल-5 में विंध्य-कैमूर और एल-6 में शहरी क्षेत्र रखे गए हैं।