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‘ठाकुर’ को देखने लखनऊ जू में उमड़े हजारों दर्शक, देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:50 PM IST
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रेस्क्यू किया गया था तेंदुआ
- फोटो : amar ujala
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‘ठाकुर’ के बारे में जानने का क्रेज सिर्फ दर्शकों में ही नहीं, बल्कि जू के स्टाफ में भी रहा। रविवार को जू का स्टाफ भी रेस्क्यू टीम से तेंदुए को पकड़े जाने के आठ घंटे के दौरान के किस्से को सुनता रहा।
जू में लगा दर्शकों का मेला
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में शनिवार को आठ घंटे तक दहशत फैलाए रखने वाले तेंदुए ‘ठाकुर’ का नया ठिकाना चित्रकूट के जंगल हो सकते हैं। लखनऊ से करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के जंगलों में उसे आजाद करने की योजना बना रहा है वन विभाग। रविवार को नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान और वन विभाग मुख्यालय के आला अधिकारियों ने उसके लिए ‘सिक्योर रिलीफ प्लान’ पर दिनभर चर्चा की।
लखनऊ जू
- फोटो : amar ujala
यूपी के प्रमुख वन संरक्षक, वन्यजीव एसके उपाध्याय ने रविवार को बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ पूरी तरह से वयस्क है और स्वस्थ है। वह आगे चलकर तेंदुओं का कुनबा बढ़ा सकता है। चिकित्सकों से परामर्श कर उसे हम चित्रकूट केजंगलों में रानीपुर रेंज के आसपास छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। यूपी के अलावा मध्य प्रदेश बॉर्डर केजंगलों में उसे पनाह मिलेगी, वहां का प्राकृतिक परिस्थितियां उसके अनुकूल रहेंगी। उन्होंने बताया कि विभाग एक और लोकेशन पर भी विचार कर रहा है।
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तेंदुआ
- फोटो : amar ujala
आठ घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ में आए तेंदुए ने रविवार को भी अपना हिंसक रवैया अपनाये रखा। सुबह से न उसने चिकित्सकों को ही पास आने दिया न ही कीपरों को। बमुश्किल जू स्टाफ ने उसे तीन किलो मुर्गे का गोश्त दिया, जिसे दोपहर तक उसने चट कर डाला। उपनिदेशक और वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष ने बताया कि एक व्यस्क तेंदुए ने अपना शिकार खुद कर खाया हो और उसे कुछ देर बाद ही पकड़ लिया जाए, तो ऐसे में उसका गुस्सा बढ़ जाना स्वाभाविक है।
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तेंदुआ
- फोटो : amar ujala
इसके साथ भी ऐसा ही हुआ है। आमतौर पर एक तेंदुआ सात से आठ किलो बकरे का गोश्त खाता है। चूंकि अभी यह हिंसक है और स्थिर नहीं है, इसलिए इसे भरपूर नाश्ता दे दिया गया है। अभी इंतजार किया जा रहा है कि यह शांत हो जाए।