बहुप्रतीक्षित तेजस एक्सप्रेस शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग स्थित कोचिंग डिपो पहुंच गई। यहां ट्रेन का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। ट्रेन को फिलहाल यहीं रखा जाएगा। संचालन की तिथि घोषित होने के बाद इसे यहीं से ट्रैक पर उतारा जाएगा।
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अग्निसुरक्षा यंत्र
- फोटो : amar ujala
देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस लखनऊ जंक्शन से दिल्ली के लिए चलेगी। इसका संचालन पूरी तरह से आईआरसीटीसी के हाथों में होगा। रेलवे बोर्ड व आईआरसीटीसी के अधिकारी ट्रेन को सितंबर से पटरी पर लाने की तैयारियों में जुटे हैं। ट्रेन का रैक लंबे समय से गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के वॉशिंग पिट पर खड़ा था। शुक्रवार को इसे पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग कोचिंग डिपो में लाया गया, जहां इसका बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है।
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आटोमेटिक डस्टबिन
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गोमतीनगर में खड़े होने के दौरान एक बोगी का शीशा शरारती तत्वों ने तोड़ दिया गया था, जिसे बदला जाएगा और यात्री सुविधाओं की पड़ताल होगी। ट्रेन की सीटों के पीछे एलसीडी लगाने की तैयारी थी, पर इसे हटाया जा सकता है और यात्रियों के मनोरंजन के लिए अलग व बेहतर सिस्टम लगाया जा सकता है।
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कोच में लगा कैमरा
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हालांकि, इस पर अभी मंथन चल रहा है। वहीं चेयरकार बोगियों में पीछे की सीटों को कम किया जा सकता है, ताकि वहां होने वाले स्पेस का इस्तेमाल पैंट्रीकार के सामान के लिए किया जा सके। हालांकि, हर बोगी में पैंट्री के सामान के लिए अलग से भी काफी स्पेस है। जल्द ही यह भी फाइनल कर लिया जाएगा।
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तेजस एक्सप्रेस में लगी आरामदायक सीटें
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परिचालन के मुद्दे पर की चर्चा
ऐशबाग कोचिंग डिपो में शुक्रवार को पहुंची तेजस एक्सप्रेस के रैक का निरीक्षण करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की डीआरएम विजयलक्ष्मी कौशिक व आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव सहित मंडल के आला अधिकारी भी पहुंचे थे। वहां अफसरों ने ट्रेन के ऑपरेशनल इश्यूज को लेकर चर्चा की।