यूपी बोर्ड कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम के लिए शासन ने जो नई मूल्यांकन नीति तैयार की है उसको लेकर शिक्षकों और स्कूलों के बीच अलग-अलग राय है। कोई हाईस्कूल के अंक को ज्यादा वेटेज देने के पक्ष में है तो कोई इंटर के अंकों को। हर किसी के पास अपनी राय को लेकर अपना-अपना तर्क है।
12वीं के परीक्षा परिणाम: मूल्यांकन नीति पर कोई हाईस्कूल तो कोई इंटर के अंकों को तरजीह देने के पक्ष में
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मेधावियों के हित में नीति
अवध कॉलेजिएट की निदेशिका जतिंदर वालिया का कहना है कि यूपी बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणाम बनाने में शासन द्वारा जारी मूल्यांकन नीति मेधावियों के हित में रहेगी। हाईस्कूल की परीक्षा के अंक तो सभी के पास है जबकि यह संभव है कि इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा सभी स्कूलों में न हो पाई हो। ऐसे में जो मूल्यांकन नीति बनाई जा रही है वह मौजूदा हालात और परिस्थितियों को देखते बहुत सही है और हर स्तर के छात्र हित में है।
12वीं के अंकों को ज्यादा मिले वेटेज
जीजीआईसी सरोसा की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ वंदना तिवारी का कहना है कि मेरी माने तो 12वीं के प्री-बोर्ड परीक्षा को कम से कम 30 प्रतिशत वेटेज तो मिलना चाहिए। सभी स्कूलों ने अर्द्धवार्षिक परीक्षा कराई थी। हाईस्कूल के छात्रों का इंटर के मुकाबले आईक्यू का स्तर कम होता है। इंटर की पढ़ाई के लिए ज्यादा गंभीर होते हैं। ऐसे में हाईस्कूल से ज्यादा इंटर के अंकों का वेटेज ज्यादा होना चाहिए।
10वीं के अंकों का और ज्यादा हो वेटेज
बाल निकुंज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की प्रबंध निदेशक एचएन जायसवाल का कहना है कि मेरी नजर में 10वीं का वेटेज और ज्यादा होना चाहिए। 80 प्रतिशत तक तो लेना ही चाहिए। 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा को छात्रों ने इस बार गंभीरता से नहीं लिया। वहीं, कक्षा 11 की परीक्षा को कई स्कूल नहीं करा पाए। ऐसे में कक्षा 11 का वेटेज महज 10 प्रतिशत ही होना चाहिए।
सीबीएसई का फॉर्मूला सबसे ज्यादा कारगर
एसकेडी एकेडमी की निदेशक मनीष सिंह का कहना है कि सीबीएसई ने 12वीं के परीक्षा परिणाम के लिए जो फॉर्मूला तय किया है वह ज्यादा साइंटिफिक है। उसमें गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। इंटर के परीक्षा परिणाम के लिए सबसे ज्यादा वेटेज इंटर के अंकों को दिया गया है। प्रैक्टिकल के अंक वैसे ही लिए जाएंगे जैसे अपलोड किए गए हैं। यह फॉर्मूला मेधावी छात्रों के हित में है। उच्च शिक्षा में दाखिले के लिए जो मेरिट तैयार की जाएगी उसमें यह फॉर्मूला सबसे बेहतर माना जाएगा।