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स्वामी प्रसाद का बदला रंग: कभी मोदी थे कसाई अब शान में कसीदे
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 11 Aug 2016 04:09 PM IST
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स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
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राजनीति में रंग बदलना तो कोई स्वामी प्रसाद मौर्य से सीखे जो बसपा से बगावत करने के बाद हाल ही में केसरिया चोला धारण कर लिए। गुजरात दंगे को लेकर नरेंद्र मोदी को ‘कसाई से भी बड़ा पापी’ व भाजपा को ‘दंगा पार्टी’ बताने वाले मौर्य अब उन्हीं की शान में कसीदे गढ़ने को तैयार हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य
इतना ही नहीं हिंदू देवी-देवताओं पर उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद बखेड़ा करने वाली भाजपा भी वोटों की खातिर मौर्य को सिर-आंखों पर बिठाने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही। पार्टी में शामिल होते ही भाजपा को लेकर मौर्य का गुस्सा ठंडा हो गया है। अब न तो उन्हें मोदी की सरपरस्ती से गुरेज है और न ही उनकी नजर में भाजपा अब दंगा पार्टी रह गई।
स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
अपने सियासी वजूद को बनाए रखने के लिए मौर्य अब अपने समर्थकों के साथ उसी भाजपा को सूबे की सत्ता पर काबिज कराने की मुहिम का हिस्सा बन गए हैं जिसे खरी-खोटी सुनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखते थे।
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स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
कुछ दिन पहले मायावती का साथ छोड़ने के बाद मौर्य भाजपा और सपा दोनों के प्रति हमलावर दिखकर नया रास्ता तैयार करने का संकेत दे रहे थे, लेकिन एकाएक उन्होंने केसरिया चोला ओढ़ने का फैसला किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बाहर बसपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में भाजपा के प्रति उनका नजरिया किसी से छिपा नहीं था।
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स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
जहां भी मौका मिलता वह भाजपा पर हमले से चूकते नहीं थे। यहां तक कि दलितों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के प्रति भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसे लेकर भाजपा ने खूब हल्ला मचाया। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। भाजपा का दामन थामने को बेताब मौर्य ने औपचारिक रूप से जॉइनिंग से पहले प्रदेश में कांग्रेस की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित को ‘दिल्ली का रिजेक्टेड माल’ कहकर एक और नया विवाद खड़ा कर दिया है।