{"_id":"5e7c46328ebc3e78c10f125d","slug":"suspense-of-ram-temple-on-bhumi-pujan-on-30-april-see-photos","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कोरोना संकट: क्या 30 अप्रैल को हो पाएगा राममंदिर का भूमि पूजन, रामलला की शिफ्टिंग के बाद शुरू हुए कयास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना संकट: क्या 30 अप्रैल को हो पाएगा राममंदिर का भूमि पूजन, रामलला की शिफ्टिंग के बाद शुरू हुए कयास
Thu, 26 Mar 2020 11:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 26 Mar 2020 11:35 AM IST
विज्ञापन
Ramlala
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामलला की शिफ्टिंग के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण को भूमि पूजन पर कयास शुरू हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि विहिप की पूर्व तैयारी व रणनीति के अनुसार 30 अप्रैल को भूमि पूजन हो पाएगा या नहीं ? भले ही विहिप और ट्रस्ट ने अभी तक भूमि पूजन की तारीख की अधिकृत घोषणा नहीं की है। पर, उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार विहिप और ट्रस्ट ने 30 अप्रैल को इसकी तारीख तय कर रखी है।
Ramlala
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना की विभीषिका के चलते इन्हें पूर्व रणनीति में बदलाव करते हुए बिना किसी भीड़भाड़ और बड़े आयोजन के रामलला को पुराने स्थान से उठाकर स्थायी निर्माण होने तक अस्थायी मंदिर में शिफ्ट करना पड़ा है। इसके चलते भूमि पूजन के स्वरूप और निर्णय पर संतों से लेकर विहिप के उच्चस्तरीय नेतृत्व के सामने असमंजस की स्थिति खड़ी हो गई है। इसे लेकर उच्चस्तर पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है।
Ramlala
- फोटो : अमर उजाला
यह है वजह
दरअसल, ट्स्ट व विहिप ने रामलला की शिफ्टिंग को भी भव्य तरीके से करने की तैयारी की थी। पर, अचानक आए कोरोना संकट के चलते पूर्व की तैयारियों के विपरीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीमित लोगों की मौजूदगी में बुधवार को रामलला को गर्भगृह से अस्थायी मंदिर में पहुंचाया। कोरोना संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिलहाल तीन सप्ताह का लॉकडाऊन घोषित कर दिया है। वैसे तो मौजूदा घोषणा के अनुसार, लॉकडाउन की अवधि अप्रैल के मध्य तक ही है। पर, कोरोना के संकट को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि अप्रैल मध्य तक इस विभीषिका से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
दरअसल, ट्स्ट व विहिप ने रामलला की शिफ्टिंग को भी भव्य तरीके से करने की तैयारी की थी। पर, अचानक आए कोरोना संकट के चलते पूर्व की तैयारियों के विपरीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीमित लोगों की मौजूदगी में बुधवार को रामलला को गर्भगृह से अस्थायी मंदिर में पहुंचाया। कोरोना संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिलहाल तीन सप्ताह का लॉकडाऊन घोषित कर दिया है। वैसे तो मौजूदा घोषणा के अनुसार, लॉकडाउन की अवधि अप्रैल के मध्य तक ही है। पर, कोरोना के संकट को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि अप्रैल मध्य तक इस विभीषिका से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामलला का सिंहासन।
- फोटो : amar ujala
आगे बढ़ सकती है तिथि
ऐसे में लॉकडाउन की अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। उस स्थिति में तय तारीख पर भूमिपूजन हो पाना काफी मुश्किल लग रहा है। वैसे तो ट्रस्ट और विहिप नेतृत्व चाहे तो रामलला को अस्थायी मंदिर में स्थापित करने की तरह सादगी और सीमित लोगों की उपस्थिति में भूमिपूजन की औपचारिकता भी पूरी करा सकता है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट व विहिप ऐसा नहीं करना चाहते। एक तो संतों की इस पर सहमति हो पाना कठिन लग रहा है। फिर अगर भूमिपूजन की औपचारिकता पूरी भी करा ली जाए तो समस्या निर्माण काम शुरू करने की आएगी। कारण, निर्माण के लिए इंजीनियरों के साथ बड़ी संख्या में मजदूरों की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा परिस्थितियों में यह संभव नहीं लगता। इसलिए भूमि पूजन की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है।
ऐसे में लॉकडाउन की अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। उस स्थिति में तय तारीख पर भूमिपूजन हो पाना काफी मुश्किल लग रहा है। वैसे तो ट्रस्ट और विहिप नेतृत्व चाहे तो रामलला को अस्थायी मंदिर में स्थापित करने की तरह सादगी और सीमित लोगों की उपस्थिति में भूमिपूजन की औपचारिकता भी पूरी करा सकता है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट व विहिप ऐसा नहीं करना चाहते। एक तो संतों की इस पर सहमति हो पाना कठिन लग रहा है। फिर अगर भूमिपूजन की औपचारिकता पूरी भी करा ली जाए तो समस्या निर्माण काम शुरू करने की आएगी। कारण, निर्माण के लिए इंजीनियरों के साथ बड़ी संख्या में मजदूरों की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा परिस्थितियों में यह संभव नहीं लगता। इसलिए भूमि पूजन की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है।
विज्ञापन
श्री रामलला अस्थाई भवन में हुए शिफ्ट
- फोटो : अमर उजाला
क्यों तय हुई हुई थी 30 अप्रैल की तारीख
आखिर भूमिपूजन के लिए 30 अप्रैल की तिथि क्यों तय की गई थी ? विहिप सूत्र इसकी वजह महत्वपूर्ण योग बताते हैं। पं. वीरेन्द्र शास्त्री इस महत्वपूर्ण योग का खुलासा करते हुए बताते हैं कि संभवत: इस तारीख को चयनित करने के पीछे उस दिन पड़ने वाला गुरु पुष्य योग और गंगा उत्पत्तित योग है। बताते हैं कि ये योग काफी दुर्लभ है। विशेष बात यह भी है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्ध योग भी पड़ रहा है। इसीलिए यह तारीख निश्चित की गई होगी।
आखिर भूमिपूजन के लिए 30 अप्रैल की तिथि क्यों तय की गई थी ? विहिप सूत्र इसकी वजह महत्वपूर्ण योग बताते हैं। पं. वीरेन्द्र शास्त्री इस महत्वपूर्ण योग का खुलासा करते हुए बताते हैं कि संभवत: इस तारीख को चयनित करने के पीछे उस दिन पड़ने वाला गुरु पुष्य योग और गंगा उत्पत्तित योग है। बताते हैं कि ये योग काफी दुर्लभ है। विशेष बात यह भी है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्ध योग भी पड़ रहा है। इसीलिए यह तारीख निश्चित की गई होगी।