आमतौर पर धारणा है कि अटल विहारी वाजपेयी बहुत संयम वाले नेता थे। पर, लखनऊ में रहने के दौरान उनसे जुड़े कुछ प्रसंग इस धारणा को तोड़ते हैं।
2 of 6
अटलजी (फाइल फोटो)
- फोटो : डेमो
बात उन दिनों की है जब अटल जी ए.पी. सेन स्थित आज के रज्जू भैया स्मृति भवन में रहते थे। एक दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक स्वयंसेवक, जो चारबाग स्थित कान्यकुब्ज कॉलेज में पढ़ता था, रोते हुए उनके पास आया।
अटल जी ने कारण पूछा तो उसने बताया कि कॉलेज में छात्रों का एक ग्रुप दूसरों पर अकारण दबाव बनाकर परेशान करता है। उन्होंने किसी बात पर उसकी पिटाई कर दी है।
अटल जी तुरंत उठे और युवक को लेकर कॉलेज की ओर चल दिए। उन्हें देख चार-पांच लोग और साथ हो लिए। अटल के मित्र स्व. बजरंग शरण तिवारी के छोटे भाई डॉ. एसपी तिवारी बताते हैं, 'अटल जी प्रधानाचार्य के कक्ष में पहुंचे और उनसे पूछा, 'आपको अपने कॉलेज में अनुशासन की भी कोई चिंता है या नहीं।
5 of 6
अटलजी (फाइल फोटो)
- फोटो : डेमो
आपके यहां के कुछ छात्र आए दिन विद्यार्थियों को अपमानित करते रहते हैं और आप हैं कि कुछ पता ही नहीं।' इसके बाद उन्होंने युवक के साथ घटी घटना के साथ यह भी बताया, 'आपको नहीं पता लेकिन मुझे जानकारी मिली है कि उन उत्पातियों ने कॉलेज के ही एक कमरे में लाठियां भी रख रखी हैं। इरादा आगे कुछ और भी बड़ी घटना को अंजाम देने का है।'