{"_id":"5bb5f059867a556c385c80b8","slug":"story-of-vijay-pratap-singh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"युवाओं को दे रहे कॅरिअर का ‘विजय मंत्र’,अब तक हजारों को दिला चुके हैं नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवाओं को दे रहे कॅरिअर का ‘विजय मंत्र’,अब तक हजारों को दिला चुके हैं नौकरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 04 Oct 2018 04:20 PM IST
विज्ञापन
विजय प्रताप सिंह
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे पैकेज की नौकरी, आगे बढ़ने की असीम संभावना और शानदार भविष्य। यह सब हाथ में था, पर नहीं था तो बस सुकून। वह सुकून जो समाज और युवाओं के लिए कुछ करने हासिल हो सकता है। इस सुकून की तलाश में विजय प्रताप सिंह ने मल्टीनेशनल कंपनी छोड़ी और लखनऊ में क्षेत्रीय सेवायोजन विभाग के साथ जुड़ गये। इसके बाद शुरू हुआ युवाओं की कॅरियर काउंसलिंग, कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण और नौकरी दिलाने का अभियान।
विजय प्रताप सिंह
- फोटो : amar ujala
इस अभियान के तहत वे करीब एक हजार कॅरियर काउंसलिंग शिविर लगा चुके हैं तथा पांच हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरी भी दिला चुके हैं। विजय प्रताप सिंह के अनुसार सबसे अच्छी बात यह है कि भारत देश का सबसे युवा देश है। यह युवा शक्ति देश की तस्वीर बदल सकती है। लेकिन समस्या यह है कि देश में बेरोजगारी चरम पर है। निजी क्षेत्र में नौकरी के दौरान अनुभव हुआ कि कंपनियों में नौकरी की असीम संभावनाएं हैं। लेकिन समस्या युवाओं में जरूरी सॉफ्ट स्किल न होने की है।
विजय प्रताप सिंह
- फोटो : amar ujala
देश के ज्यादातर युवाओं में काबिलियत की कमी नहीं है, बस वे अपनी काबिलियत सामने नहीं ला पाते। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि युवा को यह नहीं पता होता कि किस क्षेत्र में अपना कॅरियर बना सकते हैं। मां-पिता, रिश्तेदार या दोस्तों के कहने पर वे अपना कॅरियर चुन लेते हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि असल में वे उस कॅरियर के लिए उपयुक्त ही नहीं हैं। इसलिए मैंने अपने दिल्ली और नौकरी दोनों को छोड़कर वापस आने का फैसला किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विजय प्रताप सिंह
- फोटो : amar ujala
यहां आकर शुरुआत में निजी ट्रेनिंग सेंटर पर ट्रेनर की भूमिका निभाई। उनके द्वारा ली जाने वाली भारी-भरकम फीस देकर मन लगा। इसलिए प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग में संपर्क किया। विभाग से जुड़कर काउंसलिंग शिविर की शुरुआत की। युवाओं की समस्याओं के आधार पर कोर्स डिजाइन किये। इसके बाद क्षेत्रीय सेवायोजन विभाग में उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दिया। इसके बाद जब युवाओं को नौकरी मिलने में बेहद आसानी हो गई।
विज्ञापन
विजय प्रताप सिंह
- फोटो : amar ujala
विजय प्रताप सिंह के अनुसार आज के समय में तकनीक वरदान है। तकनीक सीखकर आगे बढ़ने की संभावना कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है। युवाओं को चाहिए कि किसी न किसी तकनीक में महारत हासिल करें। यह उन्हें शिखर पर पहुंचाएगी। विजय प्रताप सिंह को इन उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया जा चुका है। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक ने उन्हें कॅरियर काउंसलिंग तथा रोजगार मेले आयोजन करने के लिए सम्मानित किया जा चुका है।