फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ये डीएसपी न थप्पड़ न एनकाउंटर, सिर्फ ईमानदारी से करते थे क्राइम कंट्रोल, तबादले पर हुआ था लाठीचार्ज

Fri, 08 Mar 2019 04:13 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Fri, 08 Mar 2019 04:13 PM IST
विज्ञापन
story of retired DSP surendra singh laor
डीेएसपी सुरेंद्र सिंह लौर - फोटो : amar ujala
लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इनमें सुरेंद्र सिंह लौर की अलग पहचान है। उन्होंने किसी बदमाश का एनकाउंटर तो दूर पिटाई तक नहीं की, सिर्फ ईमानदारी से बड़े-बड़े अपराधियों के हौसले पस्त कर डाले। सेवानिवृत्ति का अरसा गुजर जाने के बाद भी पुलिस के आला अफसर उनके किस्से भुला नहीं पाए हैं।
story of retired DSP surendra singh laor
डेमो - फोटो : डेमो
पुलिस महकमे में ईमानदारी की मिसाल रहे सुरेंद्र सिंह लौर को 28 साल पहले तत्कालीन पुलिस महानिदेशक के आदेश पर राजधानी के सबसे कमाऊ नाका थाने पर तैनात किया गया था। थाने का कार्यभार संभालने पहुंचे सुरेंद्र सिंह लौर के पास एक बैग में दो जोड़ी वर्दी, एक पैंट-शर्ट, एक जोड़ी कच्छा-बनियान और गमछा था। मेस में खाना खाने के बाद कोतवाल को अपने कमरे में फर्श पर सरकारी कंबल बिछाकर सोने की खबर से थाने के कर्मचारी ही नहीं पुलिसकर्मियों को घूस देकर अवैध काम करने वाले लोग भी सन्न थे। एक ब्लेड के दो टुकड़े और हर टुकड़े से तीन बार दाढ़ी बनाने के साथ सिर घोट लेने वाले सुरेंद्र सिंह के पूरी राजधानी में चर्चे शुरू हुए।
story of retired DSP surendra singh laor
डेमो
सादे कपड़े पहनकर अकेले ही इलाके में पैदल भ्रमण शुरू किया। ठेले-खोम्चे और रिक्शे वाले उनके खबरी बन गए। इलाके में अवैध कारोबार से लेकर अपराधियों की सीधी सूचनाएं मिलते ही धरपकड़ का सिलसिला शुरू हुआ।  शराब की दुकानें समय पर बंद, अवैध आरामशीनों पर ताले और पुलिस की साठगांठ से काला धंधा करने वाले परेशान हो उठे। सिफारिश न सुनने वाले कोतवाल के तेवर की भनक लगते ही इलाके में वर्चस्व बनाए बड़े अपराधी भूमिगत हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
story of retired DSP surendra singh laor
डेमो
थाने के बाहर धरने पर बैठे कोतवाल
कमाऊ थाने के कोतवाल द्वारा हर महीने नजराना पहुंचाने की परंपरा के चलते एक अफसर ने सुरेंद्र सिंह लौर पर भी दबाव बनाया। गनर को भेजकर दो कुंतल गेहूं मंगाया। सुरेंद्र सिंह ने गेहूं के साथ ठेलिया के भाड़े का बिल भी भेज दिया। नाराज अफसर ने परेशान करने को उच्चाधिकारियों से शिकायत की। इससे खफा सुरेंद्र सिंह अपने ही थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। अफसरों ने मनाया।

 
विज्ञापन
story of retired DSP surendra singh laor
- फोटो : डेमो
तबादले पर प्रदर्शन-लाठीचार्ज  
अवैध कारोबार बंद होने से कई व्यापारी, नेता और पुलिसकर्मी परेशान थे। वहीं, गुंडागर्दी और अपराध पर अंकुश लगने से नागरिक खुश थे। सुरेंद्र सिंह लौर सभी से मिलते और सीधी सुनवाई करते। सिफारिश में आए इलाकाई नेताओं को थाने से लौटना पड़ता था। उनका तबादला होने पर नागरिकों ने नाका थाना घेर लिया। तबादले के विरोध में भीड़ उमड़ते देख सुरेंद्र सिंह पिछली दीवार पर सीढ़ी लगाकर रवाना हो गए। वापसी की मांग को लेकर नागरिकों ने बाजार बंद कराकर प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़े कि लाठीचार्ज करना पड़ा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed