कहीं पैसे की तंगी से चूक न जाए लखनऊ की इस शूटर का निशाना, प्रदर्शन पर डालें एक नजर
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तीन साल पहले एक संस्था से मिली साढ़े तीन लाख रुपये की .22 बोर राइफल के सहारे इस खिलाड़ी ने अपना कॅरिअर संवारने का ख्वाब तो देखा, लेकिन पैसे और अभ्यास की कमी के चलते इसके भविष्य पर संकट आन पड़ा है। यूपी मेें 50 मीटर की रेंज न होने से अंशिका दिल्ली की कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में अभ्यास करती है। हालांकि इसके लिए वह पूरे साल तक नहीं रह पाती। जब उसके पास पैसों की व्यवस्था होती है, दिल्ली में अभ्यास करती है। इसके बाद वापस लखनऊ आ जाती है।
अंशिका बताती हैं कि जूनियर वर्ग तक तो सब ठीक था, लेकिन सीनियर वर्ग में आने के बाद मुझे कोचिंग और अधिक से अधिक ट्रेनिंग की जरूरत है। हालांकि यह संभव नहीं हो पाता। इसके लिए पैसों की सख्त जरूरत है। राज्य सरकार से बहुत उम्मीदें हैं कि अगर कुछ आर्थिक मदद मिल जाए तो खुद को साबित कर सकती हूं।
उन्होंने कहा कि पिछले माह जर्मनी और चेक गणराज्य में इंटरनेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला। वहां से लौटकर ओलंपिक कांस्य पदक विजेता गगन नारंग से बात हुई। उन्होंने मुझे पुणे में शूटिंग करने के लिए कहा है। हालांकि वहां ट्रेनिंग में काफी खर्च आएगा। इस कारण पसोपेश में हूं कि वहां जाकर अभ्यास करूं कि नहीं। अंशिका ने बताया यूपी ओलंपिक एसोसिएशन के अलावा कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने मदद की है
- स्टेट चैंपियनशिप पर अब तक छह स्वर्ण और तीन रजत
- नार्थ जोन शूटिंग में एक कांस्य
- वर्ष 2017 में इंटरनेशनल ट्रायल (पुणे) में भाग लिया
- वर्ष 2018 में इंटनेशनल शूटिंग चैंपियनशिप (जर्मनी) मेें भाग लिया
- वर्ष 2018 में चेक गणराज्य में इंटरनेशनल शूटिंग चैंपियनशिप का हिस्सा बनी