इस बार रक्षाबंधन पर बड़े भाई की कलाई पर पूनम व सुनीता राखी नहीं बांध सकेंगी। वर्ष 2020 में अंतिम बार बड़े भाई की कलाई पर राखी बांधने की खींची गई फोटो को देखकर बड़ी बहन पूनम जहां यादों में खोई हुई है, वहीं सुनीता गुमशुम है।
दोनों बहनों को उम्मीद है कि 19 दिनों से डीप फ्रीजर में रखे गए भाई के शव का जल्द ही पोस्टमॉर्टम होने के साथ ही केस दर्ज किया जाएगा। कूरेभार क्षेत्र के सरैया मझौवा के सूबेदार पाठक का पुरवा निवासी रिटायर्ड सूबेदार शिव प्रसाद पाठक के बड़े पुत्र शिवांक की एक अगस्त को दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
दिल्ली में पोस्टमॉर्टम होने के बाद शिव प्रसाद पाठक बेटे के शव को लेकर घर चले आए थे। वे अपने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने व गुनाहगारों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। तीन अगस्त से डीप फ्रीजर में शिवांक का शव रखा हुआ है। पूरा परिवार घटना से शोक में डूबा हुआ है। घर पर रिश्तेदारों के साथ ही अन्य लोगों का पहुंचना जारी है।
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दोनों भाइयों के साथ पूनम।
- फोटो : amar ujala
दिल्ली में रहने वाली शिवांक की बड़ी बहन पूनम मिश्रा और वाराणसी में रहने वाली छोटी बहन सुनीता भी मायके आ गई हैं। पिछले साल दोनों बहनों ने बड़े भाई शिवांक के साथ ही छोटे भाई ईशांक की कलाई पर राखी बांधी थी। भाई बहन के पवित्र रिश्ते को याद दिलाने वाले राखी के पर्व पर पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है।
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पूनम व सुनीता।
- फोटो : amar ujala
दोनों बहनों की बड़े भाई की कलाई पर राखी बांधने की हसरत इस बार अधूरी रह गई। बड़ी बहन पूनम पिछली बार बड़े भाई और छोटे भाई के साथ खींची गई फोटो को देखकर यादों में खोई हुई हैं। वहीं, छोटी बहन सुनीता गुमसुम है।
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मृतक शिवांक का फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
मृतक शिवांक का डीप फ्रीजर में रखा शव व फाइल फोटो।
शिवांक के पिता शिव प्रसाद पाठक का कहना है कि जब तक बेटे के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम नहीं हो जाता। मामले में एफआईआर नहीं दर्ज हो जाती, हार नहीं मानूंगा। न्याय के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करूंगा।