तेजस एक्सप्रेस के प्रति यात्रियों का रुझान बढ़ता जा रहा है। इससे स्पेशल ट्रेनों का गणित बिगड़ गया है। स्थिति यह है कि किराया अधिक होने के बावजूद तेजस में सीटें भर रही हैं, जबकि स्पेशल ट्रेनें यात्रियों की राह तक रही हैं। आईआरसीटीसी अधिकारियों के अनुसार सुविधाओं के चलते तेजस को वरीयता मिल रही है।
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यात्रियों को भा रहा है तेजस एक्सप्रेस का सफर, इन स्पेशल ट्रेनों में सीटें खाली
Sat, 26 Oct 2019 01:36 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 26 Oct 2019 01:36 PM IST
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तेजस एक्स्प्रेस
- फोटो : amar ujala
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के बीच चलने वाली देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन दीपावली पर यात्रियों के लिए राहतकारी साबित हो रही है। एक ओर रेलवे कमाई के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रही है तो दूसरी ओर तेजस है, जिसे यात्री अधिक तरजीह दे रहे हैं। दीपावली के बाद लखनऊ से दिल्ली लौटने के लिए यात्री इस ट्रेन में सीटें बुक करवा रहे हैं।
फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
मसलन, 31 अक्तूबर की बात करें तो तेजस में सीटें तेजी से भर रही हैं, पर अभी भी सीटें उपलब्ध हैं। जबकि चेयरकार का किराया 1715 रुपये एग्जीक्यूटिव क्लास का 2310 रुपये है, जोकि स्पेशल ट्रेनों से महंगा है। तेजस में एक व दो नवंबर को चेयरकार व एग्जीक्यूटिव में क्रमश: 242 व 13 और 217 व 18 सीटें खाली हैं। वहीं लखनऊ से दिल्ली के बीच 31 अक्तूबर को पांच स्पेशल ट्रेनें हैं, जिनका किराया तेजस से कम है और इनमें अच्छी-खासी सीटें खाली हैं। रेलवे अधिकारियों की मानें तो त्यौहारों पर प्रतिवर्ष स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है, जिसकी वजह है आमदनी। इससे राजस्व में खासी वृद्धि हो जाती है। दरअसल, स्पेशल व सुविधा ट्रेनों का किराया महंगा होता है, जिससे रेलवे की कमाई बढ़ जाती है, लेकिन तेजस के चलते इनका गणित बिगड़ा रहा है।
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फाइल फोटो
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तेजस की स्थिति
31 अक्तूबर को तेजस की एग्जीक्यूटिव में वेटिंग है, लेकिन चेयरकार में कुछ सीटें उपलब्ध हैं। जबकि एक नवंबर को लखनऊ से दिल्ली जाने वाली तेजस की चेयरकार व एग्जीक्यूटिव में क्रमश: 313 व 13 सीटें खाली हैं। ऐसे ही दो नवंबर को इन दोनों श्रेणियों में क्रमश: 217 व 18 सीटें खाली हैं।
31 अक्तूबर को तेजस की एग्जीक्यूटिव में वेटिंग है, लेकिन चेयरकार में कुछ सीटें उपलब्ध हैं। जबकि एक नवंबर को लखनऊ से दिल्ली जाने वाली तेजस की चेयरकार व एग्जीक्यूटिव में क्रमश: 313 व 13 सीटें खाली हैं। ऐसे ही दो नवंबर को इन दोनों श्रेणियों में क्रमश: 217 व 18 सीटें खाली हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
दीपावली बाद स्पेशल ट्रेनों में खाली हैं सीटें
बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल (04403) की थर्ड एसी में 828 सीटें
मुजफ्फरपुर-दिल्ली स्पेशल (04069) की स्लीपर में 124 सीटें
जयनगर-नई दिल्ली स्पेशल (04091) की स्लीपर में 504 सीटें
लखनऊ-निजामुद्दीन स्पेशल (04419) की थर्ड एसी में 235 सीटें
डिब्रूगढ़-नई दिल्ली स्पेशल (04059) की स्लीपर में 187 सीटें
डिब्रूगढ़ नई दिल्ली स्पेशल (04061) की स्लीपर में 700, थर्ड एसी में 11 व सेकेंड एसी में 30 सीटें
बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल (04403) की थर्ड एसी में 828 सीटें
मुजफ्फरपुर-दिल्ली स्पेशल (04069) की स्लीपर में 124 सीटें
जयनगर-नई दिल्ली स्पेशल (04091) की स्लीपर में 504 सीटें
लखनऊ-निजामुद्दीन स्पेशल (04419) की थर्ड एसी में 235 सीटें
डिब्रूगढ़-नई दिल्ली स्पेशल (04059) की स्लीपर में 187 सीटें
डिब्रूगढ़ नई दिल्ली स्पेशल (04061) की स्लीपर में 700, थर्ड एसी में 11 व सेकेंड एसी में 30 सीटें