राजधानी लखनऊ के जवाहर भवन में दमकल विभाग की मशक्कत से भले ही बड़ा हादसा टल गया, लेकिन जवाहर और इंदिरा भवन में हर कदम पर आग का खतरा है। गैलरी और सीढि़यों के पास लगे टूटी-कुर्सी मेज व अन्य कबाड़, परिसर में मलबा और जगह-जगह खड़े कंडम वाहनों से दोनों भवन आग के मुहाने पर हैं। बचाव इंतजाम के नाम पर जवाहर भवन के कई तल पर टंगी बाल्टियों में रेत कम और कूड़ा-कचरा अधिक नजर आता है। कर्मचारी संगठनों की शिकायतों के बाद भी राज्य संपत्ति विभाग के अफसर बेपरवाह हैं।
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लखनऊ अग्निकांड: कबाड़ और लटकते तार, आग के मुहाने पर है जवाहर और इंदिरा भवन; तस्वीरों में देखें हकीकत
Tue, 21 Jul 2026 02:48 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:48 PM IST
सार
लखनऊ जवाहर भवन में अग्निकांड के बाद रियलिटी चेक में कबाड़ और लटकते तार मिले। इस बार भले ही खतरा टल गया हो, लेकिन अभी भी जवाहर और इंदिरा भवन आग के मुहाने पर है। आगे तस्वीरों में हकीकत देखें...
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जवाहर भवन में लगी आग, जमा कबाड़।
- फोटो : अमर उजाला
जवाहर भवन में कबाड़।
- फोटो : अमर उजाला
सीढ़ियों के पास कबाड़, कैसे बचेगी जान
जवाहर भवन के नौवें तल पर आग का सबसे अधिक खतरा है। यहां कार्यालयों के सामने छत की फॉल्स सीलिंग जगह-जगह टूटी है। तारों के झुंड नीचे लटक रहे हैं। पूरी गैलरी में कुर्सी-मेज व अलमारी से रास्ता संकरा हो गया है।आपात स्थिति में नीचे उतरने की सीढ़ियों के पास इतना कबाड़ लगा है कि लोगों को जान बचानी मुश्किल हो जाएगी। यही हाल इंदिरा भवन के नौवें तल का है। यहां भी आपातकालीन सीढ़ियों के पास कबाड़ का ढेर दिखता है। अफरातफरी की स्थिति में लोग इस कबाड़ से टकरा ही सीढ़ियों से नीचे गिर जाएंगे।
जवाहर भवन में कबाड़ के बीच लगा आग बुझाने वाला सिलिंडर।
- फोटो : अमर उजाला
कंडम वाहन और मलबा भी बढ़ा रहा खतरा
जवाहर और इंदिरा भवन के परिसर में कई स्थानों पर कंडम वाहन खड़े किए गए हैं। ये वाहन कई वर्षों से खड़े हैं। कर्मचारी संगठनों ने शिकायत भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परिसर में कई स्थानों पर मलबा भी लगा है। इंदिरा भवन के परिसर में बने फायर कंट्रोल रूम में अंदर बरामदे व खुले स्थान पर कबाड़ लगा हुआ है।शिकायतें कई, सुनवाई अब तक नहीं
जवाहर भवन- इंदिरा भवन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष मीना सिंह ने बताया कि कबाड़ और कंडम वाहन हटाने के लिए राज्य संपत्ति विभाग के निदेशक को कई बार पत्र दिया गया। दोनों भवनों के मुख्य व्यवस्थाधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आग से बचाव के आधे-अधूरे इंतजामों को भी लेकर भी शिकायत की जा चुकी है।
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जवाहर भवन में रेत की बाल्टियों में भरा कबाड़।
- फोटो : अमर उजाला
जवाहर-इंदिरा भवन में रोजाना आते हैं इतने लोग
- 60 से अधिक कार्यालय संचालित हैं जवाहर और इंदिरा भवन में
- 10-10 तल हैं जवाहर व इंदिरा भवन में
- 7 हजार के करीब लोग आते हैं रोजाना (अधिकारी-कर्मचारी व फरियादी)
- 300 के करीब छोटे-बड़े वाहन खड़े होते हैं दोनों परिसर में
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जवाहर भवन में खड़े खराब वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
इन तलों पर आग का खतरा अधिक
इंदिरा भवन के तीसरे, पांचवें और नौवें तल पर कबाड़ व अन्य अव्यवस्थाओं के चलते आग का खतरा अधिक है।जवाहर भवन के छठे, सातवें व नौवें तल पर भी आग की घटनाओं का खतरा है।