Former Army Chief Manoj Pande: राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद 2025 के दूसरे दिन पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज पांडेय ने भारतीय सेना की चुनौतियों और भविष्य के खतरों पर बात की। उन्होंने कहा कि यूपी में स्थापित हुआ डिफेंस कॉरिडोर हमारी सेना की भविष्य की जरूरतों को पूरा करेगा। हम स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आज के युवा अपने क्षेत्र में लीडरशिप की भूमिका के लिए तैयार करें। इसके लिए फोर सी (कैरेक्टर (चरित्र), कंपीटेंश (सक्षमता), कमिटमेंट (प्रतिबद्धता) और कंडक्ट (आचरण)) को विकसित करने पर खास ध्यान दें और अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान दें।
जनरल मनोज पांडे ने कहा कि 'साल 2047 तक हमने विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है तो सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है ताकि विकास की यात्रा प्रभावित न हो। पिछले कुछ दशकों में युद्ध के चरित्र और प्रकृति में बड़ा बदलाव आया है। तकनीक के आने से युद्ध का स्वरूप बदला है। पारंपरिक युद्ध को हाइब्रिड युद्ध से बदला जा रहा है। साइबर स्पेस डोमेन का महत्व भी बढ़ा है। हमारी सुरक्षा और रक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना अपरिहार्य जरूरत के रूप में उभरा है।
जनरल मनोज पांडे करीब 42 वर्षों से सेना में काम कर रहे हैं। उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और अधिकारी मौजूद रहे।
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जनरल मनोज पांडे।
- फोटो : amar ujala
जनरल मनोज पांडे ने अग्निवीर योजना पर कहा कि जब बदलाव लाए जाते हैं तो मुश्किल होती ही है। विवाद होते हैं पर मुझे लगता है कि अब वो समय निकल चुका है। अग्निवीर योजना के तहत जब चार साल बाद युवा निकलेगा तो वो राष्ट्र के लिए एक बेहतरीन संसाधन होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीर सेवा दे चुके युवाओं को स्किल डेवलपमेंट करें और उन्हें अपने विभागों मे नियुक्त करें।
संवाद के मंच पर पूर्व सेना प्रमुख मनोज पांडे ने नेशनल ओलंपियाड के दस विजेताओं का सम्मान किया।