त्यौहार पर बाजार में खपाने को तैयार किया जा रहा चार हजार लीटर घटिया व मिलावटी देशी घी शुक्रवार को लखनऊ में मानकनगर में पकड़ा गया है। मौके से एफएसडीए टीम को नामचीन ब्रांड के खाली रैपर, बड़ी मात्रा में वनस्पति घी, केमिकल व परफ्यूम भी बरामद हुआ है। जब्त घी के आठ अलग-अलग नमूने जांच को भेजे गए हैं। टीम ने फिलहाल फैक्ट्री से घी की सप्लाई पर रोक लगा दी है।
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लखनऊ में हजारों लीटर देशी घी जब्त, एफएसडीए ने फैक्ट्री पर जड़ा ताला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:22 PM IST
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फैक्ट्री से बरामद मिलावट घी व फैक्ट्री में जड़ा ताला
- फोटो : amarujala
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बरामद मिलावटी घी
- फोटो : amarujala
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान ही मुखबिर से जानकारी मिली थी कि मानकनगर थाना क्षेत्र के राम प्रसाद खेड़ा में ब्रांडेड के नाम पर मिलावटी व घटिया देशी घी तैयार कर बेचा जा रहा है। जानकारी पुष्ट होने के बाद शुक्रवार को एफएसडीए की टीम ने मानक नगर पुलिस को साथ लेकर छापा मारा था। सीएफएसओ ने बताया कि टीम के मौके पर पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। मौके पर काम कर रहे कई लोग भाग निकले।
मिलावटी घी बरामद
- फोटो : amarujala
लाइसेंस की आड़ में गोरखधंधा, बिक्री पर प्रतिबंध
सीएफएसओ ने बताया कि राम प्रसाद खेड़ा में कृष्ण गोपाल अग्रवाल द्वारा संचालित बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के पास जयंती व मारूति ब्रांड देशी घी की मैन्युफैक्चरिंग का लाइसेंस है। जबकि तीन अन्य ब्रांड के देशी घी की सप्लाई भी यहीं से होती थी। खाली रैपर से इस बात की आशंका पुष्ट होती है कि फैक्ट्री से नामचीन ब्रांड के नाम पर मिलावटी व घटिया घी की सप्लाई होती होगी। हालांकि जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएफएसओ ने बताया कि राम प्रसाद खेड़ा में कृष्ण गोपाल अग्रवाल द्वारा संचालित बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के पास जयंती व मारूति ब्रांड देशी घी की मैन्युफैक्चरिंग का लाइसेंस है। जबकि तीन अन्य ब्रांड के देशी घी की सप्लाई भी यहीं से होती थी। खाली रैपर से इस बात की आशंका पुष्ट होती है कि फैक्ट्री से नामचीन ब्रांड के नाम पर मिलावटी व घटिया घी की सप्लाई होती होगी। हालांकि जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फैक्ट्री पर जड़ा ताला
- फोटो : amarujala
बिना लेबल की पैकिंग, खुले में रखा घी
छापेमारी के दौरान एफएसडीए ने फैक्ट्री से बिना लेबल की पैकिंग के साथ जयंति ब्रांड के नाम से पैक 38 टिन, मारूतिनंदन ब्रांड के रैपर संग पैक 38 टिन सहित खुले में तैयार 800 लीटर के साथ कुल 4 हजार लीटर देशी घी जब्त करने की कार्रवाई की। सीएफएसओ ने बताया कि ज्ञान, माधो, श्याम व संस्कार सहित कुछ अन्य नामचीन ब्रांड के खाली रैपर युक्त पाउच भी जांच टीम को मिले। इससे मिलावट बाद तैयार देशी घी को ब्रांडेड रैपर में पैक कर असली के दाम पर बेचने के खेल की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
छापेमारी के दौरान एफएसडीए ने फैक्ट्री से बिना लेबल की पैकिंग के साथ जयंति ब्रांड के नाम से पैक 38 टिन, मारूतिनंदन ब्रांड के रैपर संग पैक 38 टिन सहित खुले में तैयार 800 लीटर के साथ कुल 4 हजार लीटर देशी घी जब्त करने की कार्रवाई की। सीएफएसओ ने बताया कि ज्ञान, माधो, श्याम व संस्कार सहित कुछ अन्य नामचीन ब्रांड के खाली रैपर युक्त पाउच भी जांच टीम को मिले। इससे मिलावट बाद तैयार देशी घी को ब्रांडेड रैपर में पैक कर असली के दाम पर बेचने के खेल की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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मिलावटी घी
- फोटो : amarujala
जानिए कैसे जांचते हैं असली-नकली
रंग लाल हो जाए तो घी में मिलावट है
मिलावटी देशी घी बनाने के लिए धंधेबाज वनस्पति घी के साथ ब्यूट्रिरिक एसिड और कुछ जगह चर्बी तक का इस्तेमाल करते हैं। पांच एमएल घी और पांच एमएल हाईड्रोक्लोरिक अम्ल (एचसीएल) को हल्का सा हिलाने के बाद इसमें दो बूंद परफ्यूम ऑयल डालने पर अगर घोल का रंग लाल हो जाए तो समझना चाहिए कि इसमें वनस्पति संग केमिकल की मिलावट है। चर्बी मिलाए जाने पर इसकी पहचान रेंडम जांच के आधार पर नहीं हो सकती है। इसका पता लैब जांच पर ही लगता है।
रंग लाल हो जाए तो घी में मिलावट है
मिलावटी देशी घी बनाने के लिए धंधेबाज वनस्पति घी के साथ ब्यूट्रिरिक एसिड और कुछ जगह चर्बी तक का इस्तेमाल करते हैं। पांच एमएल घी और पांच एमएल हाईड्रोक्लोरिक अम्ल (एचसीएल) को हल्का सा हिलाने के बाद इसमें दो बूंद परफ्यूम ऑयल डालने पर अगर घोल का रंग लाल हो जाए तो समझना चाहिए कि इसमें वनस्पति संग केमिकल की मिलावट है। चर्बी मिलाए जाने पर इसकी पहचान रेंडम जांच के आधार पर नहीं हो सकती है। इसका पता लैब जांच पर ही लगता है।