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बढ़ी ठंड तो भगवान को ओढ़ाई गई रजाई, मंदिरों में लगे हीटर-ब्लोअर, मौसम के अनुकूल लग रहा भोग
Sat, 21 Dec 2019 11:09 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, अयोध्या
अमर उजाला ब्यूरो, अयोध्या
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 21 Dec 2019 11:09 PM IST
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अयोध्या मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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सर्दी में लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं तो भगवान को भी ठंड लगने लगी है। रामनगरी के मठ-मंदिरों में भगवान को ठंड से बचाने के लिए उन्हें ऊनी वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। रजाई ओढ़ाई जा रही है तो कहीं गर्भगृह में ब्लोअर, अंगीठी व हीटर के जरिए भगवान को ठंड से बचाने का उपाय किये जा रहे हैं।
अयोध्या मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
दशरथमहल बड़ास्थान में धनुषधारी भगवान को रजाई की ओट में रखा जा रहा है। यहां उन्हें मौसम के अनुसार भोग भी लगाया जा रहा है, गर्म पानी दिया जा रहा है। दशरथमहल के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य कहते हैं कि भक्तिभाव से हम गर्मी में भगवान के लिए फूल बंग्ला झांकी सजाते हैं तो ठंड में उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं जाते हैं।
श्रीरामबल्लभाकुंज में विराजमान युगल सरकार को रजाई एवं कंबल की ओट में रखा गया है। दिनभर गर्भगृह में अंगीठी जलाकर भगवान को गर्मी प्रदान करने की कोशिश होती है। रसिक परंपरा में आराध्य के प्रति भक्ति भाव अर्पित है। इसकी तस्दीक सरयू तट स्थित रसमोद कुंज में होती है। यहां मंदिर में विराजमान भगवान को रजाई ओढ़ाई जा रही है तो अंगीठी भी जलाकर उन्हें ठंडक से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रीरामबल्लभाकुंज में विराजमान युगल सरकार को रजाई एवं कंबल की ओट में रखा गया है। दिनभर गर्भगृह में अंगीठी जलाकर भगवान को गर्मी प्रदान करने की कोशिश होती है। रसिक परंपरा में आराध्य के प्रति भक्ति भाव अर्पित है। इसकी तस्दीक सरयू तट स्थित रसमोद कुंज में होती है। यहां मंदिर में विराजमान भगवान को रजाई ओढ़ाई जा रही है तो अंगीठी भी जलाकर उन्हें ठंडक से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अयोध्या मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
महंत रामप्रियाशरण कहते हैं ठंड से बचने के लिए जहां मनुष्य गर्म वस्त्र पहनते हैं वैसे ही भगवान को भी गर्म वस्त्र पहनाए गए हैं। सरयू तट स्थित सियारामकिला झुनकीघाट के महंत करुणानिधान शरण बताते हैं कि अपने आराध्य को हम ठंड से बचाने के लिए गर्भगृह में अंगीठी जलाते हैं, उन्हें ऊनी वस्त्र धारण कराया जाता है। भगवान के विग्रह को आचमन तक गर्म पानी से कराया जा रहा है। शृंगार से भोग व आरती में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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अयोध्या मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
रामलला को पहनाए गए ऊनी वस्त्र
रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला को भी ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र पहना दिए गए हैं। रामलला को चढ़ने वाले भोग प्रसाद में भी बदलाव हुआ है। मौसम के अनुसार फल व अन्न सहित गरम पानी से भोग लगाया जा रहा है। टेंट में विराजमान भगवान श्रीराम लला को मखमली ऊनी वस्त्र पहनाया गया तो वहीं रजाई कंबल के साथ सिंहासन पर भी ऊनी वस्त्र लगाए गए हैं।
रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला को भी ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र पहना दिए गए हैं। रामलला को चढ़ने वाले भोग प्रसाद में भी बदलाव हुआ है। मौसम के अनुसार फल व अन्न सहित गरम पानी से भोग लगाया जा रहा है। टेंट में विराजमान भगवान श्रीराम लला को मखमली ऊनी वस्त्र पहनाया गया तो वहीं रजाई कंबल के साथ सिंहासन पर भी ऊनी वस्त्र लगाए गए हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि भगवान श्रीरामलला को ठंड से बचाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। भगवान श्रीरामलला बाल रूप में रामजन्मभूमि परिसर में विराजमान हैं और जिस तरह एक मां अपने बच्चे को हर मौसम से बचाने के लिए पूरी तैयारी करती है। उसी तरह बालस्वरूप भगवान श्रीराम को मौसम के अनुकूल सुरक्षित कर लिया जाता है।