बाराबंकी के आनंद भवन प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल ने मुस्लिम छात्रा से सिर से स्कॉर्फ हटाकर आने को कहा। साथ ही पैरेंट्स के लिए यह फरमान भी जारी कर दिया कि अगर आदेश मानने में दिक्कत है तो लड़की का एडमिशन इस्लामिक स्कूल में करवा लें।
पूरा मामला इस प्रकार है। कक्षा सात की छात्रा गुरुवार को स्कार्फ लगाकर स्कूल पहुंची तो स्कूल प्रशासन ने इस पर ऐतराज जाहिर किया। वहीं, प्रिंसिपल ने छात्रा के माता-पिता के लिए एक पत्र भी लिख दिया कि आगे फिर कभी ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर स्कूल के अनुशासन का पालन नहीं कर सकते हैं तो बच्ची का एडमिशन किसी इस्लामिक स्कूल में करवा लें।
स्कूल प्रशासन ने ड्रेस कोड में किसी भी तरह की छूट देने से इनकार कर दिया। वहीं, छात्रा के पिता मोहम्मद रजा रिजवी ने कहा कि यह स्कूल अल्पसंख्यकों का माना जाता है। यहां टीचर्स का स्टाफ इसाई है। मेरी बेटी से स्कार्फ हटाने के लिए कहा गया था। जबकि इसके पहले एक छात्रा के सिर से जबरदस्ती स्कार्फ हटवा दिया गया था। अब हमें पत्र लिखकर कहा गया है कि आदेश का पालन करें या फिर बच्ची का एडमिशन किसी इस्लामिक स्कूल में करवा लें।
वहीं, मामले के मीडिया में आने पर स्कूल की प्रिंसिपल अर्चना थॉमस ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, मेरा इरादा किसी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। ...लेकिन ये जरूर कहा कि अगर आपको यहां के अनुशासन से दिक्कत है तो अपनी बच्ची का एडमिशन किसी और स्कूल में करवा लें।
उन्होंने कहा कि ड्रेस कोड सभी के लिए एक ही है। नियम सभी के लिए एक ही हैं। जिनका पालन हर छात्र और उसके माता-पिता को करना पड़ता है। ये जानकारी एडमिशन फॉर्म में भी दे दी जाती है लेकिन अगर फिर भी किसी को प्रॉब्लम है तो वो अपने बच्चे का एडमिशन किसी और स्कूल में करवा ले।
प्रिंसिपल ने ये भेजा था पत्र...( आगे देखें)