मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार को दोपहर में छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव के ‘सेक्युलर मोर्चा’ के कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया तो वहां से निकलकर शाम को समाजवादी पार्टी के दफ्तर पहुंचे। भाई की पार्टी कार्यालय में उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के टिप्स दिए तो अखिलेश की समाजवादी पार्टी के दफ्तर में भी उन्होंने यही काम किया। दोनों ही जगह उन्होंने महिलाओं के सम्मान की नसीहत भी दी।
वैसे तो मुलायम सिंह यादव पिछले दिनों लोहिया ट्रस्ट में भी छोटे भाई शिवपाल के साथ मंच साझा कर चर्चा में आ चुके हैं। पर, उन्होंने छोटे भाई की पार्टी कार्यालय में मंगलवार को पहली बार कदम रखकर फिर तरह-तरह की चर्चाओं को हवा दे दी है।
3 of 8
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
मुलायम ने शिवपाल के दफ्तर में भी कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों को लेकर जनता के बीच जाने को कहा और फिर उन्होंने समाजवादी पार्टी के दफ्तर में भी यही आाह्वान किया। मुलायम के कभी शिवपाल तो कभी अखिलेश के साथ खड़े होने से राजनीतिक पंडित भी दुविधा में पड़ गए हैं। इनके लिए मुलायम के भावी सियासी कदम का अनुमान लगाना काफी कठिन हो गया है।
सपा ही परास्त कर सकती है सांप्रदायिक ताकतों को : मुलायम
मुलायम ने समाजवादी पार्टी के दफ्तर में आचार्य नरेन्द्र देव की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें याद किया और कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को परास्त करने की क्षमता सपा में ही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। कहा कि पार्टी में हर स्तर पर महिलाओं को आगे लाने की जरूरत है। डॉक्टर लोहिया नर-नारी में भेद नहीं मानते थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने वाले पार्टी के गायकों की भी सराहना की। कहा कि गायन भी एक कला है।
5 of 8
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि समाजवादी आंदोलन में आचार्य नरेन्द्र देव के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। समाजवादी पार्टी गरीबों, मजदूरों और किसानों की पार्टी है। उन्होंने विभिन्न जिलों और अलग-अलग राज्यों से आए कार्यकर्ताओं से उनकी बातें सुनी।