लखनऊ के गोर्साइंगंज में इकाना स्टेडियम के पास बुधवार देर रात महिला का गला रेतकर फेंकने के आरोपी गोेमतीनगर के विशालखंड निवासी नदीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। नदीम तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बेसुध महिला से मिले एक गलत मोबाइल नंबर के कई कॉम्बिनेशन बनाकर ब्यौरा निकलवाया। नंबरधारक के नाम के आधार पर फेसबुक आईडी खंगाली। महिला ने कागज में ‘एन’ लिखकर आरोपी की तरफ इशारा किया था। नदीम खान नाम की फेसबुक आईडी में महिला के फोटो देख पुलिस ने रातों-रात उसे दबोच लिया। पूछताछ में नदीम ने बताया कि महिला पति से अलग रह रही है और तीन साल से वह उसके संपर्क में था। उसके बढ़ते खर्चों से परेशान होकर हत्या की साजिश रची। नदीम को जेल भेज दिया गया है।
फेसबुक से पकड़ा महिला का गला रेतने का आरोपी, तीन साल से थे संबंध, परेशान होकर रची हत्या की साजिश
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि लोहिया अस्पताल में महिला ने पुलिस को कागज में ‘एन’ लिखकर दिया। उसने इशारे से बताया कि इसी व्यक्ति ने गला रेता है। उसने कागज में मोबाइल नंबर 7949367777 भी लिखकर दिया। हालांकि, यह मोबाइल नंबर गलत निकला। चूंकि, महिला बेहोश हो चुकी थी इसलिए पुलिस के पास कोई और रास्ता नहीं था। यह मानते हुए कि महिला ने मोबाइल नंबर में कुछ नंबर आगे-पीछे कर दिए होंगे, सर्विलांस टीम ने उक्त नंबर के कई कॉम्बिनेशन बनाए। कॉम्बिनेशन के नंबरों को डायल करके देखा गया। कई नंबर पर घंटी बजी लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। नंबरधारकों के नाम और पते मिलने के बाद पुलिस टीम ने उनकी फेसबुक आईडी खंगाली।
एसएसपी ने बताया कि एक कॉम्बिनेशन नंबर 9794367777 नदीम खान के नाम का मिला। यह महिला के द्वारा बताए गए ‘एन’ अक्षर से मेल खा रहा था। पुलिस ने नदीम खान के नाम से बनी फेसबुक आईडी खंगालनी शुरू कीं। एक आईडी में उक्त महिला के फोटो मिल गए। नदीम को पकड़ने के लिए रातों-रात गोसाईंगंज इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय और नाका इंस्पेक्टर सुजीत कुमार दुबे के साथ कांस्टेबल वीर सिंह की टीम लगाई गई।
नदीम खान की फेसबुक आईडी पर जिस महिला की तस्वीर थी, उसके बायीं हाथ की अंगुलियों में सोने की एक अंगूठी, एक लोहे का छल्ला और एक चांदी की अंगूठी नजर आ रही है। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती महिला का बायां हाथ देखा तो वैसी ही अंगूठियां दिखीं।
नदीम खान ने अपनी फेसबुक आईडी पर कार चलाते हुए एक फोटो पोस्ट की थी। पुलिस ने उक्त फोटो से कार का नंबर लेकर पड़ताल की तो वह हुसैनगंज के उदयगंज निवासी वसीम की निकली। पुलिस वसीम तक पहुंची तो उसने बताया कि नदीम उसकी वैन चलाता है। फेसबुक पर जिस वैन की फोटो नदीम ने पोस्ट की है, वह उसकी ही थी। कुछ महीने पहले उक्त वैन उसने नदीम को बेच दी थी। उक्त वैन से वह डीपीएस के बच्चों को घर लाता व ले जाता है। उसने नदीम और घायल महिला के फोटो देखकर दोनों की पहचान की। उससे ही नदीम के घर का पता लेकर पुलिस ने घेराबंदी की।
डीपीएस में वैन चलाता है आरोपी, वहीं महिला से हुई मुलाकात
इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने बताया कि नदीम खान शादीशुदा है। वह जिस डीपीएस स्कूल में वैन चलाता है, घायल महिला वहीं काम करती है। दोनों की अक्सर मुलाकात व बातचीत होती थी। महिला अपने पति को छोड़कर पांच साल की बेटी के साथ अलग रह रही है। उसका एक बेटा भी है जो पति के साथ रहता है। करीब तीन साल से नदीम और महिला के बीच संबंध हो गए।