रायबरेली के ऊंचाहार में एटीपीसी प्लांट में बॉयलर का पाइप फटने के बाद हर तरफ लाशें बिखर गईं और चीख-पुकार मच गई। हादसे में सौ से अधिक श्रमिक कर्मचारी गम्भीर रूप से झुलस गए। हादसे में सौ से ज्यादा कर्मचारी झुलस गए जबकि 16 की मौत हो चुकी है। एनटीपीसी अस्पताल में सौ से ज्यादा घायलों को भर्ती करवाया गया है। जबकि दर्जनों घायलों को जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भेजा गया है।
हादसा दोपहर 3.40 बजे हुआ। 500 मेगावाट की यूनिट नंबर 6 की बॉयलर स्टीम पाइप धमाके के साथ फट गई। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने हादसे में 16 मौतों की पुष्टि की। वहीं, 100 से ज्यादा झुलस गए।एनटीपीसी के एजीएम संजीव कुमार शर्मा, प्रभात श्रीवास्तव और एजीएम मिश्रीराम झुलस गए जिन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया है। 32 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम जिला प्रशासन और एनटीपीसी के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रही। देर शाम तक घायलों को निकालने का सिलसिला जारी रहा।
हादसा होते ही सीआईएसएफ ने एनटीपीसी परिसर की घेराबंदी कर दी। लोगों का प्रवेश रोक दिया गया। प्रशासन और पुलिस के अफसर और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। प्रतापगढ़ और रायबरेली की 40 एंबुलेंस बुला ली गईं। निजी बसें भी लाई गईं। इसके बाद एक-एक करके श्रमिकों को बाहर निकाला गया।
सीएम योगी आदित्यनाथ मॉरिशस में हैं। घटना की जानकारी होते ही उन्होंने एडीजी लॉ एंड आर्डर और प्रमुख सचिव गृह को मौके पर भेजा। सीएम ने मृतक आश्रितों को 2 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार और घायलों को 25 हजार रुपये की मदद का एलान किया।
हादसे के बाद हर तरफ लाशें ही लाशें फैल गईं।