बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर बसपा को कमजोर बता रहे हैं। वो कह रहे हैं कि पार्टी कमजोर हो रही है। आज इस रैली में आई भीड़ देखकर उन्हें बसपा की ताकत का अंदाजा हो गया होगा।
मायावती शनिवार को लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल मैदान में आयाजित रैली को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे सर्वे के चक्कर में न पड़ें। पहले भी बंगाल व दिल्ली के चुनाव नतीजे इन्हें गलत साबित कर चुके हैं।
उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं को सावधान करते हुए कहा कि आगामी यूपी चुनाव में विपक्षी दल हिंदू मुस्लिम सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास करेंगे लेकिन इससे सजग रहना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार यूपी में बसपा की सरकार बनने से कोई रोक नहीं सकता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी वोट के लिए जनता से वादे कर रही हैं जो हवा हवाई है। उनमें रत्तीभर भी दम नहीं है।
मायावती ने कहा कि 2022 में अगर बसपा की सरकार बनीं तो बदले की भावना से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को रोका नहीं जाएगा बल्कि उन्हें समय से पूरा करवाया जाएगा।
मायावती ने कहा कि कुछ छोटी पार्टियां अकेले या गठबंधन में रहकर केवल पर्दे के पीछे से सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने की जुगत में हैं । उनसे सावधान रहना है साथ ही एक पार्टी ऐसी है जो स्वार्थी और टिकटार्थियों को शामिल कर अपना कुनबा बढ़ा रही है।
मायावती ने एलान किया कि हम कोई घोषणा पत्र जारी नहीं कर रहे हैं लेकिन हमारी सरकार बनी तो हम अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में बसपा की तर्ज पर भाजपा द्वारा शुरू कराए गए विकास कार्यों को रोकेंगे नहीं बल्कि पूरा करेंगे। चाहे सड़क निर्माण हो अथवा पुल निर्माण पहले पुराने कामों को ठीक किया जाएगा। (इसके पहले मायावती ने कांशीराम को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्घांजलि दी।)
मायावती ने कहा कि नाराज चल रहे जाटों तथा गुर्जरों को खुश करने के लिए भाजपा को अब उनके राजाओं की प्रतिमा लगानी पड़ रही हैं। विश्वविद्यालय बनाने पड़ रहे हैं। यदि समय से यह कार्य होता तो अब उनका लोकार्पण किया जाता शिलान्यास नहीं। उन्होंने कहा कि हम सत्ता में आए तो गरीब और मजदूरों के अलावा ब्राह्मणों तथा मुस्लिमों की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ख्याल रखेंगे।