नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा से भी पास हो गया। इसपर देश भर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ जगहों पर इसको लेकर विवाद भी हो रहे हैं। लखनऊ में भी इस बिल को लेकर जहां कुछ लोग चिंता जता रहे हैं तो कुछ इसका समर्थन कर रहे हैं। यानी यहां भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं।
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नागरिकता संशोधन बिल पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं, कहा- समर्थन और विरोध से पहले चिंतन की जरूरत
Fri, 13 Dec 2019 11:20 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 13 Dec 2019 11:20 AM IST
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मौलाना सैफ अब्बास, डॉ मनीष एवं महंत देव्या गिरि
- फोटो : अमर उजाला
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मौलाना मुफ्ती अबुल इरफान मियां फरंगी महल
- फोटो : अमर उजाला
संविधान की आत्मा के खिलाफ बिल
यह बिल पूरी तरह से संविधान की आत्मा के खिलाफ है। सरकार अपने एजेंडे को किसी भी तरह से लागू कर रही है। उसकी कोशिश मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की है। सीएबी और एनआरसी जैसी चीजें इसी साजिश के तहत लाई गई हैं। - मौलाना मुफ्ती अबुल इरफान मियां फरंगी महली, सुन्नी धर्म गुरु
यह बिल पूरी तरह से संविधान की आत्मा के खिलाफ है। सरकार अपने एजेंडे को किसी भी तरह से लागू कर रही है। उसकी कोशिश मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की है। सीएबी और एनआरसी जैसी चीजें इसी साजिश के तहत लाई गई हैं। - मौलाना मुफ्ती अबुल इरफान मियां फरंगी महली, सुन्नी धर्म गुरु
मौलाना सैफ अब्बास, शिया धर्मगुरु
- फोटो : अमर उजाला
संविधान में मिला हुआ बराबरी का हक
नागरिकता संशोधन बिल भेदभाव से भरा हुआ है। पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर मुस्लिम को नागरिकता दे रहे हैं। इसी तरह से बर्मा से आने वाले वहां के अल्पसंख्यकों को भी नागरिकता देनी चाहिए। क्योंकि हमारे देश का संविधान सभी को बराबरी का हक देता है । इस बिल में संविधान को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। - मौलाना सैफ अब्बास, शिया धर्मगुरु
नागरिकता संशोधन बिल भेदभाव से भरा हुआ है। पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर मुस्लिम को नागरिकता दे रहे हैं। इसी तरह से बर्मा से आने वाले वहां के अल्पसंख्यकों को भी नागरिकता देनी चाहिए। क्योंकि हमारे देश का संविधान सभी को बराबरी का हक देता है । इस बिल में संविधान को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। - मौलाना सैफ अब्बास, शिया धर्मगुरु
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महर्षि सुषैन
- फोटो : अमर उजाला
नागरिक संशोधन बिल पर आम नागरिक सहमत
केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन बिल पर उठाए गए कदम से आम नागरिक सहमत है। राज्य सभा से इसे मंजूरी मिलने के बाद भारत की भारतीयता इस कदम से तय हो सकेगी। नागरिकता संशोधन बिल कांग्रेस के ताबूत में एक कील की तरह है जिसने हमेशा नागरिकों को बांटने का काम किया। - महर्षि सुषैन, भविष्यवक्ता व सामायिक मामलों पर टिप्पणीकार
केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन बिल पर उठाए गए कदम से आम नागरिक सहमत है। राज्य सभा से इसे मंजूरी मिलने के बाद भारत की भारतीयता इस कदम से तय हो सकेगी। नागरिकता संशोधन बिल कांग्रेस के ताबूत में एक कील की तरह है जिसने हमेशा नागरिकों को बांटने का काम किया। - महर्षि सुषैन, भविष्यवक्ता व सामायिक मामलों पर टिप्पणीकार
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महंत देव्या गिरि
- फोटो : अमर उजाला
सरकार का सकारात्मक और सही कदम
कुल मिलाकर देखा जाए तो सरकार का यह सकारात्मक और सटीक कदम है। बिल को लेकर देश में जो असुरक्षा का माहौल बनाया जा रहा है, उन भ्रामक बातों से लोगों को बचने की जरूरत है। हमारे इन तीनों पड़ोसी मुल्कों में ही नहीं, अगर किसी मुल्क में हिदू भाइयों पर वहां धार्मिक अत्याचार हो तो उन्हें भारत की नागरिकता सरकार को देनी चाहिए, सरकार वही कर रही है। - महंत देव्या गिरि, मनकामेश्वर मंदिर डालीगंज
कुल मिलाकर देखा जाए तो सरकार का यह सकारात्मक और सटीक कदम है। बिल को लेकर देश में जो असुरक्षा का माहौल बनाया जा रहा है, उन भ्रामक बातों से लोगों को बचने की जरूरत है। हमारे इन तीनों पड़ोसी मुल्कों में ही नहीं, अगर किसी मुल्क में हिदू भाइयों पर वहां धार्मिक अत्याचार हो तो उन्हें भारत की नागरिकता सरकार को देनी चाहिए, सरकार वही कर रही है। - महंत देव्या गिरि, मनकामेश्वर मंदिर डालीगंज