अगर आप बीडी-सिगरेट के शौकीन हैं तो सतर्क हो जाएं। इसका धुंआ गंभीर बीमारी की वजह बन रहा है।
2 of 6
डॉ सुधीर रावल
- फोटो : अमर उजाला
इसका धुआं न सिर्फ फेफड़े बल्कि ब्लैडर कैंसर की भी वजह बनता हैं। यह जानकारी रविवार को कन्वेंशन सेंटर में केजीएमयू के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एसएन शंखवार ने दी। वह यूरो आंकोकॉन 2018 कॉन्फ्रें स में यह जानकारी दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि सिगरेट-बीडी के हानिकारक रसायन कोशिकाओं को बीमार करना शुरू कर देते हैं। धीरे-धीरे पेशाब की थैली खराब होने लगती है। उसकी कोशिकाएं मरने लगती हैं। गांठ बन जाती है जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेती है।
पेशाब की थैली में गांठ से मरीज को तमाम परेशानियां होती हैं। मसलन टॉयलेट ठीक से नहीं होती, बार-बार जाना पड़ता है। खून भी आ सकता है। बीमारी बढ़ने पर मरीज को सांस लेने में भी तकलीफ हो सकती है।
5 of 6
डॉ सुधीर रावल
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर संस्थान से आए डॉ. सुधीर रावल ने बताया कि एडवांस स्टेज में यूरिनरी ब्लैडर निकलने के बाद आंतों से और अन्य जगह के ऊतकों से नया ब्लैडर बनाया जाता है, जिससे मरीज की क्वालिटी लाइफ बढ़ जाती है।