राजधानी लखनऊ में लगातार कोरोना मरीजों का ग्राफ बढ़ने से लोगों में लॉकडाउन को लेकर बेचैनी बढ़ने लगी है। जबकि प्रधानमंत्री लॉकडाउन न लगाने की घोषणा कर चुके हैं। इसके बावजूद खाद्य वस्तुओं की मांग में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। जो परिवार रिटेलर से अप्रैल का राशन खरीद कर ले जा चुके थे, वह फिर से एक और माह के राशन की मांग कर रहे हैं। इनमें आटा, दाल, चावल, चीनी, चाय की पत्ती, सरसों तेल, रिफाइंड, डालडा, गरम मसाला, नहाने और कपड़े धोने के साबुन, शैंपू, बालों की मेहंदी, लॉन्ग, इलायची, काली मिर्च और गुड़ शामिल है।
कोरोना मरीजों का ग्राफ बढ़ने से लॉकडाउन की आशंका से डरे लोग, खरीद रहे कई महीनों का राशन, मांग बढ़ी
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सर्वाधिक आटा-दाल व चावल की मांग
डालीगंज के रिटेलर अमित गुप्ता ने बताया कि उनके पास ऐसे ग्राहकों की भारी संख्या है जो महीने का राशन एक बार में खरीद कर ले जाते हैं। अधिकतर ग्राहक आठ अप्रैल तक राशन खरीद कर ले जा चुके थे। लेकिन इस बीच ऐसे ग्राहक फिर से पर्चे लेकर आ रहे हैं और राशन ले रहे हैं। इसमें सर्वाधिक आटा, दाल और चावल की मांग है।
रिटेलर की खरीद बढ़ी
पांडेगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि पिछले 4 दिन से इस थोक मंडी में दाल चावल की खरीद करने वाले रिटेलर की आवक बढ़ी है। इससे अंदाजा है की रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले खाद्य वस्तुओं की की मांग में बढ़ोतरी हुई है।
हरी उड़द, चना दाल और चीनी की कीमतें बढ़ीं
खुदरा कारोबारी अमित गुप्ता और फतेहगंज के थोक कारोबारी विपुल अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि तीन दिन के अंदर हरी उड़द और चना दाल एवं चीनी की कीमतों में इजाफा हुआ है। अमित के अनुसार, हरी उड़द की जो दाल 170 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, अब 180 में बिक रही है। इसी तरह जो चने की दाल 60 से 68 रुपये प्रति किलो हो गई है। जबकि खुदरा में चीनी 35 किलो से बढ़कर 36 रुपये प्रति किलो हो चुकी है।
कोरोना से बचाव की आयुर्वेदिक दवाओं का अभाव
सुभाष मार्ग के किराना के थोक कारोबारी सीताराम अग्रवाल ने बताया कि जब से संक्रमण तेज हुआ है तब से कोरोना से बचाव की आयुर्वेदिक दवाओं की मांग बढ़ गई है। अधिकतर कारोबारियों के पास ऐसी दवाओं के स्टॉक का अभाव हो गया है।