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नाइट कर्फ्यू ने बिगाड़ा होटल-रेस्टोरेंट कारोबारियों का 'जायका', डीएम को पत्र लिखकर 12 बजे तक की अनुमति मांगी

Sat, 10 Apr 2021 06:18 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 10 Apr 2021 06:18 PM IST
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Night curfew badly hits hotel reataurent business in Lucknow.
चौक में रात आठ बजे ही रेस्टोरेंट में पसरा सन्नाटा। - फोटो : अमर उजाला

नाइट कर्फ्यू से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी अजीब विडंबना से घिर गए हैं। एक तरफ वो मौजूदा हालातों में प्रशासन के फैसले को सही ठहरा रहे हैं, वहीं जब आर्थिक मोर्चे के नजरिए से सोचते हैं तो फिर बड़े घाटे की चिंता सताने लगती है।



कारोबारियों का कहना है कि जिस समय से उनका काम शुरू होता है, वो वक्त जिला प्रशासन ने प्रतिष्ठान बंद करने का तय कर दिया है। ऐसे में उनके लिए होटल-रेस्टोरेंट खोलना ही घाटे का सौदा हो गया है। कहते हैं कि नवरात्र और सहालग का दौर शुरू हो रहा है, कारोबार चमकने और पिछले साल हुए नुकसान को कवर करने की उम्मीद अचानक से खत्म हो गई है।

उत्तर प्रदेश होटल एसोसिएशन के श्याम कृष्णानी कहते हैं कि डायनिंग तो शाम आठ-नौ बजे के बाद शुरू होती है, ऐसे में रेस्टोरेंट का काम एकदम खत्म हो गया है। होम डिलीवरी तो पहले ही लगभग खत्म थी, क्योंकि कोरोना के कारण लोग बाहर का मंगाकर खाने से बचने लगे हैं। 13 अप्रैल से नवरात्र, फिर सहालग, अच्छा मौका था कमाने का, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि अप्रैल खाली जाएगा।

Night curfew badly hits hotel reataurent business in Lucknow.
- फोटो : अमर उजाला

फूड बिजनेस खत्म: होटल कारोबारी स्रजल गुप्ता कहते हैं कि डायनिंग रहेगी ही नहीं तो रेस्टोरेंट खोलकर क्या करेंगे? प्रशासन का फैसला है, गलत तो नहीं कह सकते, लेकिन फूड बिजनेस पूरी तरह खत्म हो गया है। कारोबारी नरेन्द्र तूलानी कहते हैं कि कारोबार 50 फीसदी रह गया है। चाट, कुल्फी, डिनर के लिए तो रात को ही लोग निकलते हैं।

ऑनलाइन मांग पर भी असर: ऑनलाइन फूड कारोबार से जुड़े अनुपम शिवराज बताते हैं कि हम रात साढ़े दस बजे तक डिलीवरी देते हैं और अंतिम ऑर्डर रात आठ बजे लेते हैं। ये समय कारोबार का एक तिहाई भाग कवर करता है। नुकसान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता।

 

Night curfew badly hits hotel reataurent business in Lucknow.
- फोटो : social media

50 फीसदी कारोबार इन्हीं तीन-चार घंटों में: बेकरी व्यवसाय से जुड़े राजकुमार पिपलानी व जय भाटिया कहते हैं कि 50 फीसदी कारोबार शाम को होता है। इसमें से 30 फीसदी रात नौ बजे से 12 बजे के बीच में होता है। क्योंकि ज्यादा होम डिलीवरी इसी वक्त की होती है। कर्फ्यू से ये तो हो नहीं सकेगी।

बेहतर होता कि 50 फीसदी उपस्थिति कर देते: होटल कारोबारी संदीप आहूजा कहते हैं कि हम देश और समाज के साथ हैं। सभी की सलामती चाहते हैं, लेकिन रात का ये कर्फ्यू थोड़ा अटपटा लग रहा है। बेहतर होता कि संख्या 50 फीसदी कर दी जाती। इससे आर्थिक हालात एकदम शून्य नहीं होते।

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Night curfew badly hits hotel reataurent business in Lucknow.
प्रतीकात्मक तस्वीर

...तो क्या रेस्टोरेंट कर्मचारियों की जाएगी नौकरी: शहर के होटल उद्योग से जुड़े लोगों का तो यहां तक कहना है कि कई बड़े होटल रेस्टोरेंट्स ने कर्मचारियों की संख्या 70 फीसदी तक करने का फैसला किया है।

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Night curfew badly hits hotel reataurent business in Lucknow.

यात्री कहां जाएंगे, बजट होटल वाले तो भूखे मर जाएंगे
होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि चारबाग में 200 के करीब बजट होटल हैं। रात नौ बजे से 11 बजे तक सर्वाधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। हजारों यात्री व छात्र आते हैं। विभिन्न विभागों की परीक्षा के कारण इधर बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।

इसे देखते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिख कर मांग की गई है कि यात्रियों व छात्रों को भोजन प्राप्त हो सके, इसके लिए चारबाग रेलवे स्टेशन के 100 मीटर तक की दूरी के होटल रेस्टोरेंट खोलने की छूट रात 11 बजे तक दी जाए। अभी तो काम शुरू हुआ है, बजट होटल वाले तो भूखे मर जाएंगे।

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