ट्रेन के स्लीपर कोच में अब यात्रियों को मेज की सुविधा नहीं मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने इसे हटाने का निर्देश दिया है। बोर्ड की ओर से सभी उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) इलाहाबाद जोन समेत सभी जोनल रेलवे को जारी पत्र में स्लीपर कोच के हर एक कूपे में लगी मेज हटाने के साथ ही मैगजीन और न्यूज पेपर को रखने वाले मैगजीन बैग को भी हटाने के लिए कहा गया है।
हालांकि, एसी कोच से अभी मेज नहीं हटाई जाएगी। सफर के दौरान यात्री खाने-पीने के सामान आदि को सुरक्षित रख सकें इसके लिए सभी ट्रेनों के स्लीपर एवं एसी कोच में लोअर बर्थ के बीच फोल्डिंग मेज रहती है।
इसका उपयोग यात्री खाने पीने की वस्तुओं को रखने के लिए करते हैं। लंबे समय से यात्री शिकायत कर रहे थे कि मेज का इस्तेमाल सिर्फ वहीं लोग कर पाते हैं जिन्हें लोअर बर्थ मिलती है।
यात्रियों को मिलेगी पर्याप्त जगह
अमूमन यह भी देखने में आया है कि फोल्डिंग मेज में बहुत से यात्री अपने भारी भरकम सामान आदि रख देते हैं। इससे मेज का सर्पोटर भी टूट जाता है।
मेज का सही उपयोग न होता देख रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर मेकेनिकल इंजीनियर नावेद तालिब ने सभी जोनल रेलवे के प्रमुख मुख्य मेकेनिकल इंजीनियर (पीसीएमई) को पत्र के माध्यम से सभी ट्रेनोें के स्लीपर कोच के हर एक कूपे में लगी मेज हटाने को कहा है।
इसे हटाने के बाद वहां यात्रियों को सामान आदि रखने की भी पर्याप्त जगह मिल जाएगी। बोर्ड द्वारा जारी किए पत्र में स्लीपर और एसी कोच के बर्थ पर लगे मैगजीन बैग को भी हटाने को कहा गया है। दरअसल, मैगजीन बैग में तमाम मुसाफिर पानी की बोतल आदि सामान रख देते हैं। इससे वह बहुत जल्द ही टूट जाती है।