लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी ऑपरेशनल एक्सरसाइज देखकर लोग रोमांच से भर उठे। सुबह 10.13 बजे घोषणा हुई कि आगरा एयरफोर्स स्टेशन से एक्सप्रेस-वे के लिए पहुंच रहा चार्ली पूर्व से आ रहा है। दर्शकों ने जैसे ही सिर घुमाया, हवा से बातें करता हुआ देश का सबसे बड़ा मालवाहक विमान हरक्युलिस सी-130 एयर स्ट्रिप पर आया।
आसमान के जांबाजों ने भरा रोमांच, हरक्युलिस से उतरे गरुड़ कमांडो ने तुरंत संभाला मोर्चा, तस्वीरें
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दर्शकों ने तालियां व सीटियां बजाकर चार्ली का स्वागत किया। 19,958 किग्रा लोड को ले जाने में सक्षम चार्ली एयर स्ट्रिप पर रुका ओर उससे उतरे गरुड़ कमांडो फोर्स के जवान उतरे और तीन से चार मिनट में ही एयर स्ट्रिप को अपने कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद ही विमान सारे इंजन चालू हो गए। इसके बाद धूल का ऐसा गुबार उठा, जिसके छंटने तक चार्ली आसमान में गुम हो चुका था।
...और ‘गरुड़’ के निशाने पर दुश्मन
भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान हरक्यूलिस सी-130 ने जैसे ही एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग की, विमान से गरुड़ कमांडो फोर्स के जवान उतरे और उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। जवानों ने सधे हुए कदमों में एयर स्ट्रिप के दोनों और टीम बनाकर सुरक्षा की। वहीं जीप से अधिकारियों ने पेट्रोलिंग की। यह जांच-पड़ताल व सिक्योरिटी चेक ऑपरेशनल एक्सरसाइज खत्म होने तक चलता रहा। अंत में गरुड़ फोर्स के जवान ऑपरेशन खत्म होने कर वापस हरक्यूलिस सी-130 से रवाना हो गए।
एक्सप्रेस-वे पर करीब तीन घंटे तक वायुसेना के जगुआर, मिराज, सुखोई व हरक्यूलिस सी-130 विमानों ने हाई-वे उतरने का अभ्यास किया। इस दौरान आगरा एक्सप्रेस वे पर लखनऊ, कानपुर, कन्नौज, हरदोई की ओर से ट्रैफिक को पूरी तरह बंद रहा। एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू विमानों को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। एयर ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए यहां अस्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम बनाया गया था। ऑपरेशनल एक्सरसाइज का संयोजन बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन के ग्रुप कैप्टन जे. सुआरस ने किया जबकि मध्य एयर कमान मुख्यालय के सीनियर एयर स्टाफ एयर मार्शल एएस बुटोला विमानों की लैंडिंग-टेकऑफ के अवलोकन के लिए पहुंचे थे।
कारगिल के शूरवीर ने दिखाए करतब
मिराज-2000 (वज्र), ग्वालियर वायुसेना स्टेशन
कारगिल के युद्घ में अहम भूमिका निभाने वाले फाइटर जेट मिराज-2000, जिसे भारतीय वायुसेना में वज्र के नाम से भी जाना जाता है ने एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार भर दर्शकों को रोमांच दुगना कर दिया। दो स्क्वैड्रन शामिल थे। तीन विमानों के पायलटों ने टाइगर व क्रॉसबो फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया। हालांकि, अधिकतम 2,495 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाले मिराज ने एयर स्ट्रिप को टचडाउन किया और वापस हवा में। एक के बाद एक हुए छह मिराज सुपरसोनिक विमानों ने एक्सप्रेस-वे पर दर्शकों में रोमांच को बढ़ाया। मिराज-2000 ग्वालियर वायुसेना स्टेशन से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे थे। वैसे तो मिराज सिंगल सीटर होता है। पर, ऑपरेशनल एक्सरसाइज में डबल सीटर ट्रेनर वर्जन का इस्तेमाल किया गया।